सीकर में 52 लाख की चोरी का खुलासा, झुंझुनूं से तीन आरोपी गिरफ्तार; 49 लाख के जेवरात बरामद

राजस्थान: सीकर में मकान से 49 लाख के जेवरात और नकदी समेत 52 लाख की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया। 100 CCTV फुटेज के बाद झुंझुनूं से तीन आरोपी गिरफ्तार हुए।

सीकर में मकान से 49 लाख रुपये के जेवरात और नकदी समेत 52 लाख रुपये का माल चोरी होने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब 100 CCTV फुटेज खंगालकर झुंझुनूं में दबिश देकर आरोपियों से चोरी का माल बरामद किया गया।

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में एक मकान से करीब 49 लाख रुपये के जेवरात और नकदी समेत कुल 52 लाख रुपये का सामान चोरी होने के मामले में सदर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को झुंझुनूं जिले के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया पूरा माल भी बरामद कर लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजयराज जाट (24) पुत्र हवासिंह, अरविंद कुमार मेघवाल (23) पुत्र पितराम और जतिन जाट (19) पुत्र दुर्गाप्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले घर की रेकी की और इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

8 सितंबर की रात हुई थी चोरी

सदर थाना SHO पवन कुमार चौबे के अनुसार, भैरूपुरा निवासी जगदीश पचार ने 9 सितंबर को चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 8 सितंबर की रात उनकी पत्नी सरोज और बहू आशा अपनी बेटी के साथ एक कमरे में सो रही थीं।

इसी दौरान चोर घर में घुसे और कमरे में रखी दो पेटियां उठाकर ले गए। घटना के बाद परिवार को चोरी की जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई थी कि चोरों ने परिवार के सदस्यों पर किसी तरह का स्प्रे छिड़का होगा, जिसके कारण वे सोते रहे और उन्हें चोरी की भनक नहीं लगी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

करीब 100 CCTV फुटेज की जांच

चोरी के मामले में आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

पुलिस ने अलग-अलग कैमरों से मिले फुटेज के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों और आरोपियों की आवाजाही की जानकारी जुटाई। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम झुंझुनूं पहुंची।

पुलिस ने झुंझुनूं के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर तीनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया।

49 लाख के जेवरात और नकदी चोरी

पुलिस के मुताबिक, चोरों ने मकान से करीब 49 लाख रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी चोरी की थी। चोरी किए गए सामान की कुल कीमत करीब 52 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद चोरी का पूरा माल बरामद होने की बात सामने आई है। बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने चोरी की योजना किस तरह बनाई थी और वारदात में उनकी भूमिका क्या रही।

जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले घर की रेकी की थी। इसके बाद मौका देखकर चोरी की गई। पुलिस पूछताछ में चोरी की पूरी योजना और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है।

पुलिस को आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिले

पुलिस जांच में फिलहाल यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि यह उनकी पहली चोरी की वारदात हो सकती है।

हालांकि, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके पिछले रिकॉर्ड तथा संभावित अन्य गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तीनों आरोपियों ने घर की रेकी कब से शुरू की थी और उन्हें मकान में बड़ी मात्रा में जेवरात और नकदी होने की जानकारी कैसे मिली।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

चोरी के इस मामले का खुलासा करने में सदर थाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। करीब 100 सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और उनकी लोकेशन के आधार पर झुंझुनूं में कार्रवाई की।

आरोपियों की गिरफ्तारी में ASI संतकुमार, दुर्गाराम, रणवीर, रमेश, गोरधन और खेमचंद की विशेष भूमिका रही। टीम ने सीकर से लेकर झुंझुनूं तक मिले सुरागों को जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ाया और आखिरकार तीनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।

पूछताछ के बाद सामने आएंगे चोरी से जुड़े और तथ्य

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उनसे विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस चोरी की योजना, घर की रेकी, वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीके और चोरी के सामान को ठिकाने लगाने की योजना पर है।

परिवार की ओर से स्प्रे के इस्तेमाल की जताई गई आशंका को लेकर भी पुलिस जांच कर सकती है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान वास्तव में किसी तरह के स्प्रे या अन्य पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

पुलिस के अनुसार, मामले में चोरी का सामान बरामद कर लिया गया है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई से करीब 52 लाख रुपये की चोरी के मामले का खुलासा हुआ है।

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