भारत की नंबर-1 पुरुष युगल बैडमिंटन जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty ने 31 मई को Singapore Open 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेंस डबल्स का खिताब अपने नाम कर लिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत की स्टार पुरुष युगल बैडमिंटन जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty ने सिंगापुर ओपन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष युगल (Men’s Doubles) का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया के शीर्ष खिलाड़ियों फजर अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को हराकर न केवल प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती, बल्कि लगभग दो वर्षों से चले आ रहे BWF वर्ल्ड टूर खिताब के इंतजार को भी समाप्त कर दिया।
सिंगापुर इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआती सेट गंवाने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 18-21, 21-15, 21-16 से अपने नाम किया। यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि सात्विक और चिराग पहली बार सिंगापुर ओपन चैंपियन बने हैं।
कठिन शुरुआत के बाद शानदार वापसी
फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण रही। इंडोनेशियाई जोड़ी ने पहले सेट में आक्रामक खेल दिखाते हुए 21-18 से बढ़त हासिल कर ली। शुरुआती सेट में भारतीय खिलाड़ियों को लय हासिल करने में कठिनाई हुई और विपक्षी खिलाड़ियों ने अवसरों का पूरा फायदा उठाया। हालांकि, दूसरे सेट में सात्विक और चिराग ने अपना अनुभव और सामंजस्य दिखाया। दोनों खिलाड़ियों ने तेज रफ्तार रैलियों और प्रभावी नेट प्ले के जरिए मैच पर नियंत्रण स्थापित किया। परिणामस्वरूप उन्होंने दूसरा सेट 21-15 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक तीसरे सेट में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। लेकिन महत्वपूर्ण क्षणों में भारतीय जोड़ी ने बेहतर संयम और रणनीति का प्रदर्शन किया। सात्विक और चिराग ने लगातार अंक जुटाते हुए 21-16 से सेट और मैच जीत लिया। कुल 73 मिनट तक चले इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने मानसिक मजबूती और उच्च स्तरीय प्रदर्शन का परिचय दिया।

सेमीफाइनल में किया था बड़ा उलटफेर
सिंगापुर ओपन 2026 में खिताब तक पहुंचने का सफर भी आसान नहीं रहा। फाइनल से पहले भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर-1 जोड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। उस जीत ने न केवल उन्हें फाइनल में पहुंचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि सात्विक और चिराग एक बार फिर विश्व बैडमिंटन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। पूरे टूर्नामेंट के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने निरंतरता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।
सिंगापुर ओपन का यह खिताब भारतीय जोड़ी के लिए विशेष महत्व रखता है। यह उनका मई 2024 में जीते गए थाईलैंड ओपन के बाद पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है। पिछले दो वर्षों के दौरान सात्विक और चिराग कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद खिताब जीतने से चूक गए थे। इस दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण फाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे ट्रॉफी का इंतजार लंबा होता चला गया।
हाल ही में खेले गए थाईलैंड ओपन में भी भारतीय जोड़ी फाइनल में पहुंची थी, लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकी थी। ऐसे में सिंगापुर ओपन की यह जीत उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली उपलब्धि मानी जा रही है।










