उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बड़ा यू-टर्न लिया है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेश के लोगों को अब आंधी, बारिश और ठंडी हवाओं से राहत मिलने लगी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 63 जिलों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। अगले पांच दिनों तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना जताई गई है।
झांसी में सोमवार सुबह से ही मौसम का असर दिखाई देने लगा। आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान पर भी इसका असर देखने को मिला।
वहीं संभल में तेज आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल गिरने की सूचना मिली है। तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने और व्यवस्था बहाल करने में जुटी हुई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के मौसम में यह बदलाव आया है। इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है, जिसके चलते कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
पिछले सप्ताह तक प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था। नौतपा के दौरान भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था। हालांकि अब लगातार बदलते मौसम के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों में तापमान 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना जताई गई है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। खेतों में नमी बढ़ने से आगामी कृषि कार्यों में मदद मिलेगी। हालांकि तेज हवा और आंधी के कारण कुछ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। किसानों को मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।











