यूपी में लगेंगे 1000 नए EV चार्जिंग स्टेशन, लखनऊ-नोएडा समेत कई जिलों में होगा विस्तार

उत्तर प्रदेश में 1000 नए EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और अयोध्या समेत कई जिले शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और प्रमुख शहरों में 1000 नए EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर देहात, मेरठ और अयोध्या समेत कई जिलों को विस्तार में शामिल किया गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए 1000 नए EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये स्टेशन राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और प्रमुख शहरों में लगाए जाएंगे। लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर देहात, मेरठ और अयोध्या समेत कई जिलों में चार्जिंग सुविधा का विस्तार होगा। सर्वे के जरिए अधिक ईवी आवागमन वाले स्थानों की पहचान की जाएगी।

राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी चार्जिंग सुविधा

उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी है। प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के अलावा प्रमुख शहरों और जिलों में 1000 नए EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए कई पेट्रोल पंपों को भी चिन्हित किया जा रहा है।

यूपी में लगेंगे 1000 नए EV चार्जिंग स्टेशन, लखनऊ-नोएडा समेत कई जिलों में होगा विस्तार

लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, कानपुर देहात, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ और अयोध्या समेत कई जिलों में नए चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने की योजना है। सर्वे के बाद उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की आवाजाही ज्यादा है और मौजूदा चार्जिंग स्टेशनों पर लोगों को इंतजार करना पड़ता है।

अभी 238 EV चार्जिंग स्टेशन चालू

फिलहाल ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, नोएडा और लखनऊ सहित करीब एक दर्जन जिलों में 238 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। नए स्टेशन जुड़ने के बाद प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा और बढ़ेगा।

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने गुरुवार को होटल ताज में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

डॉ. आशीष गोयल ने उद्यमियों से उत्तर प्रदेश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत है, इसलिए नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य में बड़े अवसर मौजूद हैं।

2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य

कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के करीब आठ लाख घरों में नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली का उत्पादन हो रहा है। सरकार इस संख्या को बढ़ाकर प्रदेश के पौने चार करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के घरों तक नवीकरणीय ऊर्जा पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को और बढ़ावा देना जरूरी है। उनके मुताबिक, Renewable Energy अब एक बड़े उद्योग के रूप में विकसित हो चुका है।

ऊर्जा मंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों से 2 से 5 नवंबर के बीच दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले India Renewable Energy Summit 2026 में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में नई तकनीक, निवेश और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े नए अवसर देखने को मिलेंगे।

लखनऊ के 2100 टन कूड़े से बिजली बनाने की योजना

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने लखनऊ में रोजाना निकलने वाले 2100 टन कूड़े से बिजली बनाने की योजना का भी उल्लेख किया।

सरकार का फोकस केवल सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों तक सीमित नहीं है, बल्कि कचरे से बिजली उत्पादन को भी ऊर्जा व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर है। इससे एक ओर कचरे के निपटारे में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बिजली उत्पादन के लिए वैकल्पिक स्रोत विकसित किया जा सकेगा।

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