SIR के विरोध में विपक्ष का मार्च: राहुल-प्रियंका का धरना, तिरंगे को लेकर पुलिस से तीखी बहस; 10 घंटे के प्रदर्शन की पूरी कहानी

SIR के विरोध में विपक्ष के मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी भवन में घंटों धरना दिया। तिरंगे को लेकर पुलिस से बहस और हिरासत तक प्रदर्शन।

SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने दिल्ली में मार्च किया। पुलिस ने नेताओं को रोका और कई को हिरासत में लिया। राहुल-प्रियंका ने आकाशवाणी भवन में घंटों धरना दिया, जहां तिरंगे को लेकर बहस भी हुई।

नई दिल्ली: SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को दिल्ली में मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने कई घंटे तक धरना दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की और बाद में कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। दिनभर चले इस प्रदर्शन में कई ऐसे पल सामने आए, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे। राहुल गांधी के हाथ में ‘ज्ञानेश इट्स डन ब्रो’ लिखा पोस्टर दिखाई दिया, जबकि प्रियंका गांधी का तिरंगे के सामने खड़े होने वाला वीडियो भी सामने आया।

बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़े राहुल गांधी

प्रदर्शन की शुरुआत के बाद विपक्षी नेता मार्च करते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने उन्हें निर्धारित रास्ते पर रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। करीब सुबह 11:50 बजे राहुल गांधी बैरिकेड्स के पास पहुंचे और उन्हें पार करने की कोशिश करते दिखाई दिए।

प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और SIR के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता और स्पष्टता जरूरी है। दूसरी ओर, चुनाव व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की ओर से प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कही जाती रही है।

अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए

करीब दोपहर 12:15 बजे पुलिस ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं और पुलिस के बीच कई जगहों पर बहस की स्थिति भी बनी। विपक्षी नेताओं का कहना था कि उन्हें अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। पुलिस की ओर से प्रदर्शन को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की गई। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी आकाशवाणी भवन परिसर की ओर बढ़े।

आकाशवाणी भवन में धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका

करीब दोपहर 12:30 बजे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर पहुंचे। दोनों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेता तथा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। धरना कई घंटे तक चला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और SIR से जुड़े अपने विरोध को लेकर नारेबाजी की। परिसर में पुलिस की मौजूदगी भी बनी रही।

करीब दोपहर 2:15 बजे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को परिसर में एक पेड़ के नीचे चटाई पर बैठे देखा गया। दोनों काफी देर तक वहीं बैठे रहे और कार्यकर्ताओं से बातचीत करते रहे।

राहुल ने प्रियंका को ऑफर की एनर्जी ड्रिंक

प्रदर्शन के दौरान दोपहर करीब 3:30 बजे राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को एनर्जी ड्रिंक ऑफर की। दोनों नेताओं के खाना खाते हुए वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं। लंबे समय तक चले धरने के बीच राहुल और प्रियंका को रोल खाते हुए भी देखा गया।

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के हाथ में एक पोस्टर भी दिखाई दिया, जिस पर ‘ज्ञानेश इट्स डन ब्रो’ लिखा था। यह पोस्टर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में बताया गया। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही।

तिरंगे को लेकर पुलिस अधिकारी से हुई बहस

प्रदर्शन के दौरान करीब शाम 5 बजे एक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया। एक पुलिस अधिकारी तिरंगा लेकर खड़े एक कार्यकर्ता के पास पहुंचे। अधिकारी ने कथित तौर पर झंडे के डंडे से किसी को चोट लगने की आशंका को देखते हुए उसे हटाने के लिए कहा।

इसी दौरान राहुल गांधी वहां पहुंचे और अधिकारी को तिरंगे को न छूने के लिए कहा। प्रियंका गांधी भी तिरंगे के सामने खड़ी हो गईं। दोनों नेताओं और पुलिस अधिकारी के बीच इस मुद्दे पर तीखी बातचीत हुई।

राहुल और प्रियंका की ओर से कहा गया कि यह केवल कोई डंडा नहीं, बल्कि देश का तिरंगा है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो प्रदर्शन के सबसे चर्चित दृश्यों में शामिल रहा।

तिरंगे के सामने प्रियंका गांधी का वीडियो वायरल

घटना के दौरान प्रियंका गांधी तिरंगे के सामने सीधे खड़ी नजर आईं। उनके इस अंदाज की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए गए।

प्रदर्शन में तिरंगे की मौजूदगी और उसे लेकर हुई बहस ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को तिरंगे के सम्मान से जोड़कर देखा, जबकि पुलिस की तरफ से सुरक्षा संबंधी चिंता जताई गई थी।

8 घंटे से ज्यादा चला धरना

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत प्रदर्शनकारियों का धरना कई घंटे तक जारी रहा। दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुआ धरना शाम तक चलता रहा। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने अपनी मांगों को दोहराया और प्रदर्शन जारी रखा।

दिनभर चले घटनाक्रम में मार्च, पुलिस बैरिकेडिंग, नेताओं की हिरासत, धरना, पोस्टर और तिरंगे को लेकर हुई बहस प्रमुख घटनाएं रहीं।

रात में राहुल-प्रियंका को हिरासत में लिया गया

करीब रात 8:15 बजे पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही कई घंटे से चल रहा प्रदर्शन अपने अगले चरण में पहुंच गया।

पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों की गतिविधियां सीमित हो गईं। विपक्षी दलों ने पूरे घटनाक्रम को अपने राजनीतिक विरोध के हिस्से के तौर पर पेश किया।

प्रदर्शन क्यों हुआ?

इस पूरे विरोध प्रदर्शन का केंद्र SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली रही। विपक्षी दल SIR को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों और मतदाताओं को पर्याप्त जानकारी और समय मिलना चाहिए। वहीं चुनाव प्रक्रिया से जुड़े पक्षों का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का नियमित हिस्सा है और इसे निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है।

10 घंटे के प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ?

पूरे घटनाक्रम को समय के हिसाब से देखें तो प्रदर्शन सुबह से शुरू होकर रात तक चला। सुबह करीब 11:50 बजे पुलिस ने मार्च को रोका। 12:15 बजे अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। 12:30 बजे राहुल और प्रियंका आकाशवाणी भवन पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

दोपहर 2:15 बजे दोनों पेड़ के नीचे चटाई पर बैठे नजर आए। 3:30 बजे राहुल ने प्रियंका को एनर्जी ड्रिंक ऑफर की और दोनों ने खाना खाया। शाम 5 बजे तिरंगे को लेकर पुलिस अधिकारी से बहस हुई। आखिरकार रात 8:15 बजे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

इस तरह SIR के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन दिनभर राजनीतिक गतिविधियों और पुलिस कार्रवाई के बीच चलता रहा। प्रदर्शन से जुड़े फोटो और वीडियो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं।

SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने दिल्ली में मार्च किया। पुलिस ने नेताओं को रोका और कई को हिरासत में लिया। राहुल-प्रियंका ने आकाशवाणी भवन में घंटों धरना दिया, जहां तिरंगे को लेकर बहस भी हुई।

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