SL vs IND 1st Test: दिनुषा के शतक और डिकवेला की पारी ने टाला फॉलो-ऑन, भारत को मिली 178 रन की बढ़त

SL vs IND 1st Test: दिनुषा के शानदार शतक और डिकवेला की अहम पारी की बदौलत श्रीलंका ने फॉलो-ऑन टाल दिया। पहली पारी के बाद भारत को 178 रन की बढ़त मिली। जानें

भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच तीन दिन का खेल खत्म होने के बाद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। अब तक मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा साफ नजर आया है और उसने मेजबान श्रीलंका पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: गॉल टेस्ट के तीसरे दिन भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए, जबकि श्रीलंका 284 रन पर सिमट गया। मानव सुथार के 4 और रविंद्र जडेजा के 3 विकेटों से भारत को 178 रन की बढ़त मिली, लेकिन 90 रन पर 5 विकेट गंवाने के बाद श्रीलंका की शानदार वापसी ने मुकाबले को नया मोड़ दे दिया। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में तीसरे दिन रोमांचक उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 

भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 462 रन पर समाप्त की और श्रीलंका को बड़े दबाव में डाल दिया। जवाब में मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और सिर्फ 90 रन तक उसके पांच प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। उस समय भारत को बड़ी बढ़त के साथ फॉलो-ऑन की स्थिति बनाने की उम्मीद दिखाई देने लगी थी।

लेकिन इसके बाद श्रीलंका ने शानदार जुझारूपन दिखाया। सोनल दिनुषा और निरोशन डिकवेला ने दबाव के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों की रणनीति को चुनौती दी। दोनों के बीच 146 रन की साझेदारी ने श्रीलंका को संकट से बाहर निकाला और टीम को फॉलो-ऑन से बचाने में अहम भूमिका निभाई। अंततः श्रीलंका 79.4 ओवर में 284 रन पर ऑलआउट हुआ और भारत ने पहली पारी के आधार पर 178 रन की मजबूत बढ़त हासिल की।

भारत की पारी 462 रन पर समाप्त, श्रीलंका को शुरुआती झटके

तीसरे दिन भारत की पहली पारी 462 रन पर खत्म हुई। इतने बड़े स्कोर के जवाब में उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने शुरुआत से ही संघर्ष करती दिखाई दी। मोहम्मद सिराज ने शुरुआती सफलता दिलाई, जबकि इसके बाद स्पिनरों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ा दिया। मानव सुथार ने लहिरु उदारा और दिनेश चांदीमल को आउट कर श्रीलंका की मुश्किलें बढ़ाईं।

कुलदीप यादव ने कामिंडू मेंडिस को पवेलियन भेजा, जबकि रविंद्र जडेजा ने कप्तान धनंजय डी सिल्वा का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। पांच विकेट गिरने के बाद श्रीलंका का स्कोर 90 रन के आसपास था और टीम पर बड़ी हार का खतरा मंडरा रहा था।

दिनुषा और डिकवेला ने बदल दिया मैच का माहौल

जब श्रीलंका संकट में था, तब सोनल दिनुषा और निरोशन डिकवेला ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने जल्दबाजी से बचते हुए भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और टीम की पारी को संभाला। उनकी 146 रन की साझेदारी श्रीलंका की पहली पारी का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। डिकवेला ने अपेक्षाकृत आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 115 गेंदों पर 80 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। दूसरे छोर पर दिनुषा ने धैर्य और शानदार तकनीक का परिचय दिया। उन्होंने 168 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन की यादगार पारी खेली, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल थे।

दिनुषा का यह शतक खास मायने रखता है क्योंकि वह बेहद दबावपूर्ण परिस्थिति में आया। 90 रन पर पांच विकेट गिरने के बाद श्रीलंका को पारी संभालने के लिए एक लंबी साझेदारी की जरूरत थी और दिनुषा ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। डिकवेला के साथ उनकी साझेदारी ने भारत की पारी की जीत की उम्मीदों को तत्काल रोक दिया और श्रीलंका को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

फॉलो-ऑन से बची श्रीलंकाई टीम

भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका को फॉलो-ऑन से बचने के लिए कम से कम 263 रन तक पहुंचना था। दिनुषा और डिकवेला की साझेदारी ने टीम को इस लक्ष्य के करीब पहुंचाया और आखिरकार श्रीलंका फॉलो-ऑन के खतरे को टालने में सफल रहा। साझेदारी टूटने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने फिर तेजी से दबाव बनाया। प्रसिद्ध कृष्णा ने डिकवेला को आउट कर छठे विकेट की साझेदारी समाप्त की। इसके बाद रविंद्र जडेजा ने दिनुषा को एलबीडब्ल्यू आउट किया। श्रीलंका का निचला क्रम ज्यादा देर नहीं टिक सका और पूरी टीम 284 रन पर सिमट गई।

मानव सुथार और जडेजा की शानदार गेंदबाजी

भारत की ओर से मानव सुथार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 21.4 ओवर में 76 रन देकर चार विकेट लिए। रविंद्र जडेजा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 ओवर में 57 रन देकर तीन बल्लेबाजों को आउट किया। सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव को एक-एक विकेट मिला। श्रीलंका की जुझारू वापसी के बावजूद भारत पहली पारी में 178 रन की मजबूत बढ़त हासिल करने में सफल रहा।

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