संसद भवन की सुरक्षा और चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में संसद में फुल बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना स्कैन हुए अंदर प्रवेश न कर सके।
नई दिल्ली: भारतीय संसद की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने सभी नौ प्रवेश द्वारों पर फुल बॉडी स्कैनर (Full Body Scanner) लगाने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य संसद भवन और परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा जांच को और कड़ा करना है, ताकि कोई भी शख्स बिना जांच के अंदर प्रवेश न कर सके।
फुल बॉडी स्कैनर से किसे मिलेगी छूट
सूत्रों के अनुसार, सांसदों को इस सुरक्षा जांच से छूट दी जाएगी। यानी संसद भवन में कार्यरत और निर्वाचित सांसदों को स्कैनिंग प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा, जबकि अन्य सभी कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम आगंतुकों के लिए यह अनिवार्य होगा। इससे संसद परिसर और दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा – में प्रवेश करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
यह फुल बॉडी स्कैनर संसद भवन परिसर के नौ प्रमुख गेटों पर लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रवेश द्वार से सुरक्षा जांच को bypass करके अंदर न जा सके। संसद भवन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए।
सूत्रों ने बताया कि कुछ ही महीनों में इन स्कैनरों को लगाया जाना शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। आने वाले समय में संसद भवन में प्रवेश करने वाला हर व्यक्ति फुल बॉडी स्कैनिंग से गुजरेगा। इससे परिसर में सुरक्षा मानकों को और ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी।

सांसदों के लिए विशेष व्यवस्था
फुल बॉडी स्कैनर सांसदों के लिए अनिवार्य नहीं होंगे। यह छूट इसलिए दी गई है ताकि सांसदों का समय बचाया जा सके और उन्हें लगातार सुरक्षा जांच के लिए इंतजार न करना पड़े। वहीं, अन्य सभी कर्मचारियों और आम लोगों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी। सिर्फ फुल बॉडी स्कैनर ही नहीं, संसद भवन की चारों दीवारों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पैरीमीटर इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम (Perimeter Intrusion Detection System - PIDS) भी लगाया जा रहा है। यह सिस्टम किसी भी अराजक तत्व या संदिग्ध व्यक्ति को दीवार के पार प्रवेश करने से पहले पहचान लेगा और तुरंत अलार्म जेनरेट करेगा।
कुछ PIDS सिस्टम पहले ही लग चुके हैं, जबकि बाकी एडवांस सिस्टम की स्थापना प्रक्रिया जारी है। यह तकनीक यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी व्यक्ति संसद की बाउंड्री वॉल को कूदकर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश न कर सके। हाल के वर्षों में संसद भवन और परिसर की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। बढ़ती वैश्विक और स्थानीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
फुल बॉडी स्कैनर और PIDS सिस्टम के माध्यम से न केवल सांसदों और कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि परिसर में कार्यरत सुरक्षा बलों के लिए भी निगरानी और नियंत्रण की प्रक्रिया आसान होगी।










