Operation Sindoor Anniversary की पहली वर्षगांठ के अवसर पर Rajnath Singh ने Jaipur में आयोजित तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों के दो दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का विमोचन किया।
नई दिल्ली: भारत की सैन्य तैयारियों और भविष्य की युद्ध रणनीतियों को मजबूत करने के उद्देश्य से जयपुर में आयोजित दो दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन में रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय और घोषणाएं की गईं। सम्मेलन के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का विमोचन किया, जबकि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने भविष्य के युद्धों के लिए तीन नए सैन्य सिद्धांत जारी किए।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायु सेना—के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आधुनिक तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना था।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित फिल्म का विमोचन
सम्मेलन के दौरान जारी की गई 28 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म में भारत की सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को प्रमुखता से दिखाया गया है। फिल्म में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से लेकर हाल के पहलगाम हमलों तक की घटनाओं को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया गया। साथ ही इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेनाओं द्वारा की गई निर्णायक कार्रवाई और रणनीतिक सफलता को भी विस्तार से दर्शाया गया है।
फिल्म का उद्देश्य आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के खिलाफ भारत की सैन्य और राजनीतिक प्रतिक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना माना जा रहा है।
भविष्य के युद्धों में एआई और साइबर सुरक्षा पर जोर
सम्मेलन के पहले दिन आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर विशेष चर्चा हुई। रक्षा विशेषज्ञों और सैन्य अधिकारियों ने माना कि भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि साइबर स्पेस, अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भी लड़े जाएंगे। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मानवरहित प्रणालियों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही स्वदेशी तकनीकों और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने को भी प्राथमिकता दी गई। कार्यक्रम में भारत में विकसित कई आधुनिक सैन्य तकनीकों और रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया गया।

थिएटर कमांड और संयुक्त सैन्य ढांचे पर चर्चा
सम्मेलन का एक प्रमुख एजेंडा भारतीय सेनाओं के बीच संयुक्तता बढ़ाना और थिएटर कमांड की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना भी था। थिएटर कमांड मॉडल का उद्देश्य तीनों सेनाओं को एकीकृत संचालन ढांचे में लाना है ताकि युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित और तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
सूत्रों के अनुसार सीडीएस जनरल अनिल चौहान पहले ही थिएटरीकरण से जुड़ी रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंप चुके हैं। अब इस प्रस्ताव को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की मंजूरी का इंतजार है।
तीन नए सैन्य सिद्धांत जारी
सम्मेलन के दौरान भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन नए सैन्य सिद्धांत जारी किए गए। पहला सिद्धांत “मैन्ड एंड अनमैन्ड टीमिंग जॉइंट प्राइमर” है। इसका उद्देश्य युद्ध के मैदान में मानव सैनिकों और एआई आधारित मशीनों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना है। इस मॉडल के तहत ड्रोन, रोबोटिक सिस्टम और अन्य स्वायत्त तकनीकें सैनिकों के साथ मिलकर कार्य करेंगी, जिससे जोखिम कम होगा और सटीकता बढ़ेगी।
दूसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज “मिलिट्री साइबर स्पेस पॉलिसी” है, जिसे भविष्य के डिजिटल युद्धों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में तैयार किया गया है। यह नीति साइबर हमलों से रक्षा, सैन्य संचार सुरक्षा और सूचना तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए रणनीतिक दिशा प्रदान करेगी। तीसरा सिद्धांत द्विभाषी संयुक्त स्टाफ सेवा ड्यूटी पैम्फलेट से संबंधित है, जिसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच प्रशासनिक और परिचालन स्तर पर बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित करना है।









