गिड़ा थाना पुलिस ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चोरी का खुलासा किया। आरोपी नुरेखान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेजा गया। पुलिस ने चोरी के सभी आभूषण बरामद कर पूरे मामले को सुलझाया
Rajasthan: गिड़ा करालिया बेरा गांव निवासी हयात खां ने 10 जनवरी को गिड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि 9 जनवरी की रात अज्ञात चोरों ने उनके घर में घुसकर पेटी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। चोरी हुए आभूषणों में सोने का एक तीमणिया, चांदी की चेन-पटी, चांदी का लॉकेट, चांदी का बकल, चांदी का मादलिया और कई अंगूठियां शामिल थीं।
रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मौके पर जाकर सबूत जुटाए। थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित की गईं। टीम ने चोरी के सुरागों का विश्लेषण कर संदिग्धों की तलाश शुरू की।
पुलिस की सतर्कता और गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध नुरेखा पुत्र अकबर खान, निवासी नवोड़ा बेरा, पचपदरा पर शक हुआ। टीम ने खोखसर, परेऊ, पाटौदी, नवोड़ा बेरा और नयापुरा सहित आसपास के इलाकों में लगातार दबिशें दी। सूचना और तकनीकी मदद से पुलिस ने शनिवार को नुरेखान को डिटेन किया।

पूछताछ में आरोपी ने 9 जनवरी की रात करालिया बेरा गांव में चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सभी सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए गए। पुलिस ने मामले में 100 प्रतिशत रिकवरी कर ली।
आरोपी का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद नुरेखान को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 से अब तक तीन मामले दर्ज हैं। इनमें दो मामले पचपदरा थाने में और एक मामला जोधपुर के शेरगढ़ थाने में दर्ज है। आरोपी के खिलाफ मारपीट और चोरी के मामले पहले से दर्ज हैं।
थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और आभूषणों की बरामदगी से इलाके में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ा है। पुलिस आगे भी इस तरह की कार्रवाइयों को जारी रखेगी ताकि अपराधियों को पकड़ने में कोई कमी न रहे।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल सहित टीम के कई सदस्यों की अहम भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि टीम ने तकनीकी निगरानी और सूचना का इस्तेमाल कर आरोपी को दबोचने में सफलता पाई।
विशेष टीमें लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए रखती हैं ताकि चोरी और अन्य अपराधों को जल्दी सुलझाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे अपराधियों में भय पैदा होता है और स्थानीय लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिलता है।












