टॉप-10 वांटेड अपराधी दिनेश विश्नोई बाड़मेर में गिरफ्तार, 25 हजार रुपए का इनाम था घोषित

टॉप-10 वांटेड अपराधी दिनेश विश्नोई बाड़मेर में गिरफ्तार, 25 हजार रुपए का इनाम था घोषित
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बाड़मेर डीएसटी ने ऑपरेशन भौकाल में चौहटन थाने का फरार हिस्ट्रीशीटर दिनेश विश्नोई को डिटेन किया। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम था। उसके खिलाफ 3 एनडीपीएस और 3 मारपीट के मामले दर्ज हैं।

Rajasthan: बाड़मेर पुलिस मुख्यालय और आईजी जोधपुर रेंज के निर्देश पर जिले में नशा मुक्त बाड़मेर अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ऑपरेशन भौकाल शुरू किया गया। डीएसटी प्रभारी आदेश कुमार को टीम के साथ फरार और वांटेड आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए गए। 

डीएसटी टीम ने लगातार निगरानी रखी और तकनीकी माध्यमों से जानकारी जुटाई। शनिवार को सूचना मिली कि दिनेश विश्नोई बाड़मेर में है। इसके बाद टीम ने भगवती रेजिडेंसी के पास दबिश दी और उसे डिटेन कर लिया।

फरार हिस्ट्रीशीटर

दिनेश विश्नोई चौहटन थाने का हिस्ट्रीशीटर है। 7 मार्च 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत 27 किलो 914 ग्राम डोडा-पोस्त तस्करी के मामले में उस पर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद आरोपी लगातार फरार रहा।

एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि 25 जून 2025 को आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वह जिले के टॉप-10 वांटेड आरोपियों में शामिल था। दिनेश विश्नोई के खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हैं, जिनमें 3 एनडीपीएस एक्ट और 3 मारपीट के मामले शामिल हैं।

टीम का योगदान

डीटीएस और चौहटन पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तारी में कांस्टेबल हनुमानराम की अहम भूमिका रही। कार्रवाई में हेड कांस्टेबल प्रेमाराम, कांस्टेबल हरलाल, नींबसिंह, नखतसिंह, रामस्वरूप, आईदानसिंह, सदीप स्वरूपसिंह और हनुमानराम शामिल थे।

एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि इस गिरफ्तारी से जिले में नशा तस्करी और अपराधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस आगे भी ऐसे अभियान चलाकर फरार और वांटेड अपराधियों को पकड़ने की योजना बना रही है।

नशा मुक्त बाड़मेर अभियान का असर

बाड़मेर में चल रहे नशा मुक्त बाड़मेर अभियान का असर अब साफ नजर आने लगा है। डीएसटी टीम और पुलिस लगातार निगरानी रखकर नशा तस्करी और फरार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं। ऑपरेशन भौकाल जैसी सफल कार्रवाइयों ने लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया है। 

जिले के टॉप वांटेड अपराधी भी अब पुलिस की सतर्कता के कारण सुरक्षित नहीं हैं। इस अभियान से न केवल नशा तस्करी पर रोक लगी है, बल्कि अपराधियों की हिम्मत भी पस्त हुई है। पुलिस का दावा है कि भविष्य में ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और बाड़मेर अपराधमुक्त होगा।

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