Sonipat Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के लिए मेगा ट्रैफिक प्लान लागू, जाम की स्थिति में 5 वैकल्पिक रूट तैयार

सोनीपत में कांवड़ यात्रा 2026 के लिए मेगा ट्रैफिक प्लान लागू है। जाम से बचने को 5 वैकल्पिक रूट, भारी वाहनों पर रोक और कड़ी सुरक्षा रहेगी।

कांवड़ यात्रा को लेकर सोनीपत पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मुख्य मार्ग के साथ पांच वैकल्पिक रूट तैयार किए गए हैं। भारी वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा और पूरे रूट पर सीसीटीवी व पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

सोनीपत: Sonipat Kanwar Yatra 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने मेगा ट्रैफिक एवं सुरक्षा प्लान लागू किया है। हरिद्वार और गंगोत्री से लौटने वाले कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्य मार्ग के अलावा पांच वैकल्पिक रूट तैयार किए गए हैं। जाम की स्थिति में श्रद्धालुओं और आम वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन व्यवस्था भी लागू रहेगी।

मुख्य कांवड़ मार्ग पर रहेगी विशेष निगरानी

कांवड़ यात्रा के दौरान सोनीपत जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने विस्तृत प्लान तैयार किया है। यह व्यवस्था सुबह 9 बजे से जलाभिषेक संपन्न होने तक प्रभावी रहेगी। मुख्य कांवड़ मार्ग गढ़ मिर्कपुर बॉर्डर से एनएच-334बी, बहालगढ़ चौक और एनएच-44 तक रहेगा। यदि श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है तो पूरे मार्ग को आवश्यकता के अनुसार वन-वे घोषित किया जाएगा, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

पुलिस का अनुमान है कि बहालगढ़ चौक, गढ़ मिर्कपुर, एनएच-334बी और जीटी रोड पर सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों के लिए विशेष डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है, जिससे सामान्य यातायात भी प्रभावित न हो।

जाम लगने पर पांच वैकल्पिक मार्गों से निकाले जाएंगे श्रद्धालु

मुख्य मार्ग पर भीड़ बढ़ने या ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने पर कांवड़ियों को पांच अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों से आगे बढ़ाया जाएगा। पहला मार्ग खेवड़ा फ्लाईओवर से एनएच-334बी होते हुए एनएच-44 तक जाएगा। दूसरा मार्ग पलड़ी गांव, कुमासपुर, जीटी रोड और सेक्टर-7 व सेक्टर-8 चौक से होकर निकलेगा।

तीसरे विकल्प के रूप में मुरथल, बढ़ोली, बसौदी और नांदनौर गांव का मार्ग तय किया गया है। चौथा मार्ग दीपालपुर मोड़, चौहान जोशी गांव और जीटी रोड से होकर सेक्टर-7 और सेक्टर-8 चौक तक पहुंचेगा। वहीं पांचवें वैकल्पिक रूट में खेवड़ा, झुंडपुर, सेवली, 20वां मील चौक, बारोटा चौकी और रोहट मार्ग शामिल किया गया है।

सामान्य वाहनों के लिए भी अलग डायवर्जन तैयार किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों दोनों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

भारी वाहनों पर रोक, 15 स्थानों पर पुलिस तैनात

पुलिस ने 28 जुलाई की रात से सोनीपत से बागपत की ओर जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। आवश्यकता पड़ने पर हल्के वाहनों को भी डायवर्ट या अस्थायी रूप से रोका जा सकेगा। जिले के 15 प्रमुख स्थानों पर पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं, जहां दो-दो शिफ्ट में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सभी जवान रिफ्लेक्टर जैकेट और टॉर्च के साथ ड्यूटी करेंगे, ताकि रात के समय भी सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।

पूरे कांवड़ मार्ग पर पीसीआर, ईआरवी, राइडर और पेट्रोलिंग टीमें लगातार गश्त करेंगी। प्रत्येक जोन में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैनात रहेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

सीसीटीवी, साइबर निगरानी और शिविरों के लिए विशेष नियम

यात्रा मार्ग, प्रमुख चौराहों, डायवर्जन प्वाइंट और कांवड़ शिविरों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फैलने वाली अफवाहों या आपत्तिजनक पोस्ट पर साइबर सेल की विशेष नजर रहेगी।

प्रशासन ने म्यूजिक सिस्टम की आवाज 75 डेसिबल से अधिक नहीं रखने और वाहनों की ऊंचाई 12 फीट से ज्यादा नहीं होने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ शिविर सड़क से कम से कम 50 मीटर की दूरी पर लगाए जाएंगे। शिविरों में पार्किंग, सीसीटीवी, श्रद्धालुओं का रजिस्टर और महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती अनिवार्य होगी। साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मेडिकल स्टोरों में दवाओं की जांच और मीट की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद रखने जैसे निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाना है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।

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