दक्षिणी यूरोप में भीषण जंगल की आग और हीटवेव ने संकट गहरा दिया है। ग्रीस में आग बुझाते समय तीन दमकलकर्मियों की मौत हो गई, जबकि स्पेन, फ्रांस और तुर्किये में भी आग और तेज गर्मी से राहत कार्य लगातार जारी हैं।
एथेंस: दक्षिणी यूरोप इन दिनों भीषण जंगल की आग और लगातार बढ़ती गर्मी की दोहरी मार झेल रहा है। ग्रीस, स्पेन, फ्रांस और तुर्किये के कई हिस्सों में फैली आग ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ग्रीस में आग बुझाने के दौरान तीन दमकलकर्मियों की मौत हो गई, जबकि हजारों लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दूसरी ओर, स्पेन और फ्रांस में भी नई हीटवेव के बीच प्रशासन आग पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक तापमान, तेज हवाएं और लंबे समय से चली आ रही शुष्क परिस्थितियां आग को तेजी से फैलाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
क्रीट द्वीप पर आग ने लिया विकराल रूप
ग्रीस के लोकप्रिय पर्यटन स्थल क्रीट द्वीप पर जंगल की आग ने सबसे अधिक तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और कुछ स्थानों पर इसकी लपटें लगभग 15 किलोमीटर तक फैल गईं। रेथिम्नो क्षेत्र में आग बुझाने के दौरान दो दमकलकर्मी आग की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। आग के तेजी से फैलने के कारण आसपास के कई गांवों को खाली कराया गया। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बड़े स्तर पर निकासी अभियान चलाया गया। कई लोगों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना बेहद कठिन हो गया था।
दक्षिणी ग्रीस में भी एक और दमकलकर्मी की मौत
क्रीट के अलावा ग्रीस के दक्षिणी पेलोपोनीज़ क्षेत्र के गीथियो बंदरगाह के पास भी जंगल की आग भड़क उठी। यहां राहत एवं बचाव अभियान के दौरान एक अन्य दमकलकर्मी अचेत अवस्था में मिला, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। ग्रीक प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त दमकल बल तथा आपातकालीन संसाधन भेजे गए हैं।
कई द्वीपों और शहरों में फैली आग
ग्रीस में केवल क्रीट ही नहीं, बल्कि एजियन सागर के पारोस और लेसबोस द्वीपों के अलावा मुख्य भूमि के ट्रिफिलिया क्षेत्र में भी जंगल की आग की घटनाएं सामने आई हैं। सरकार ने कई क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है और नागरिकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
तुर्किये में भी बढ़ा खतरा
पड़ोसी देश तुर्किये में भी जंगल की आग ने हालात गंभीर कर दिए हैं। मुगला प्रांत में लगी आग के कारण फेथिये और अंताल्या को जोड़ने वाला प्रमुख राजमार्ग अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से एक अस्पताल के कुछ हिस्सों को भी खाली कराया गया, ताकि मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

स्पेन में रिकॉर्ड स्तर पर जंगल की आग
स्पेन इस वर्ष अपने इतिहास की सबसे बड़ी जंगल की आग का सामना कर रहा है। राजधानी मैड्रिड से पश्चिम स्थित एविला प्रांत के बुर्गोहोंदो क्षेत्र में आग ने अब तक 43,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को प्रभावित किया है। पूरे वर्ष के दौरान स्पेन में दो लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि जंगल की आग की चपेट में आ चुकी है। यह हाल के वर्षों में सबसे गंभीर आग की घटनाओं में से एक मानी जा रही है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ता तापमान, कम आर्द्रता और तेज हवाएं आग को फिर भड़का सकती हैं।
हजारों लोग लौटे अपने घर
हालात में आंशिक सुधार के बाद स्पेन के कई इलाकों से निकाले गए हजारों लोगों को वापस अपने घर लौटने की अनुमति दी गई है। मैड्रिड क्षेत्र में लगभग 24,000 लोगों की वापसी की अनुमति दी गई, जबकि हजारों अन्य लोगों पर लगाए गए प्रतिबंध भी हटा दिए गए। हालांकि कई परिवारों के घर पूरी तरह जल चुके हैं और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में लंबा समय लग सकता है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण का कार्य आने वाले महीनों तक जारी रहेगा।
फ्रांस में हीटवेव और आग का खतरा
दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में बड़ी आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाले तापमान और शुष्क हवाओं के कारण आग दोबारा भड़क सकती है। कई स्थानों पर छोटी-छोटी आग फिर से दिखाई दी है। प्रशासन ने नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने और जंगलों में आग से संबंधित सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
रक्षा और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाई गई
फ्रांस के कुछ क्षेत्रों में आग उन इलाकों के करीब पहुंच गई है जहां रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण संयंत्र स्थित हैं। दमकल विभाग ने इन संवेदनशील औद्योगिक स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना या बड़े नुकसान से बचा जा सके।
जलवायु परिवर्तन बना बड़ी चुनौती
जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि यूरोप में लगातार बढ़ती गर्मी और भीषण जंगल की आग का संबंध जलवायु परिवर्तन से जुड़ी दीर्घकालिक प्रवृत्तियों से है। यूरोप दुनिया के सबसे तेजी से गर्म होते महाद्वीपों में शामिल है। बढ़ते तापमान, लंबे सूखे, कम वर्षा और तेज हवाओं के कारण जंगलों में आग की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक व्यापक और विनाशकारी होती जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर वन प्रबंधन, आधुनिक चेतावनी प्रणाली, मजबूत आपदा प्रबंधन और वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के प्रयासों को और तेज करने की आवश्यकता होगी।
राहत अभियान जारी, सतर्क रहने की अपील
ग्रीस, स्पेन, फ्रांस और तुर्किये में हजारों दमकलकर्मी, सेना, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय प्रशासन आग पर काबू पाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है। दक्षिणी यूरोप में फैली यह भीषण जंगल की आग केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की बढ़ती चुनौतियों का भी स्पष्ट संकेत है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और राहत अभियानों की सफलता पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी रहेगी।










