स्पेन के अल्मेरिया में भीषण जंगलों की आग: 13 लोगों की मौत, सात ब्रिटिश नागरिक भी शामिल

स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में भीषण जंगलों की आग में 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें सात ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। करीब 1,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में लगी विनाशकारी जंगलों की आग में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें सात ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। अधिकांश पीड़ित विदेशी नागरिक थे। आग ने हजारों हेक्टेयर भूमि को राख में बदल दिया और लगभग 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।

मेड्रिड: स्पेन के दक्षिणी अल्मेरिया (Almería) प्रांत में फैली भीषण जंगलों की आग हाल के वर्षों की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में से एक बन गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस आग में 13 लोगों की जान चली गई, जिनमें सात ब्रिटिश नागरिक, तीन बेल्जियम, एक फ्रांसीसी, एक अमेरिकी और एक स्पेनिश नागरिक शामिल हैं। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पेन के अधिकारियों ने मृतकों की राष्ट्रीयता की पुष्टि की।

यह आग पिछले सप्ताह तेज गर्मी और शुष्क मौसम के बीच तेजी से फैली और देखते ही देखते हजारों हेक्टेयर जंगल और आसपास के इलाके इसकी चपेट में आ गए। राहत और बचाव कार्य में जुटी एजेंसियों ने करीब 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि आग को कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित किया गया।

अधिकांश पीड़ित विदेशी नागरिक

स्पेनिश अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में 13 में से 12 विदेशी नागरिक थे। इनमें सात यूनाइटेड किंगडम, तीन बेल्जियम, एक फ्रांस और एक संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिक शामिल हैं। केवल एक मृतक स्पेन का नागरिक था। अधिकारियों ने बताया कि सभी मृतक वयस्क थे, जिनमें आठ महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। पीड़ितों की पहचान पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद आधिकारिक रूप से की गई।

ब्रिटिश दंपति की मौत से परिवार में शोक

आग में जान गंवाने वालों में ब्रिटिश दंपति पीट गिलम और फ्रैन गिलम भी शामिल हैं, जो अल्मेरिया के बेदार (Bédar) गांव में रहते थे। यही गांव जंगल की आग से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल था।

दंपति की बेटी डेनिएल गिलम-किर्टन, जो इंग्लैंड के शेफ़ील्ड में रहती हैं, ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि पुलिस ने उनके माता-पिता की मृत्यु की पुष्टि कर दी है। उन्होंने लिखा कि पूरा परिवार इस दुखद समाचार से गहरे सदमे में है।

विदेश मंत्रालय ने जताई संवेदना

ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (FCDO) ने पुष्टि की कि वह प्रभावित ब्रिटिश नागरिकों और उनके परिवारों की हरसंभव सहायता कर रहा है। ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा कि वे स्पेनिश प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि मृतकों की पहचान, परिवारों को सूचना और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जा सकें।

प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई भयावह आपबीती

आग से बचने वाले 70 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक मैल्कम टिम्ब्रेल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने आग की भयावहता देखी। उन्होंने बताया कि जब आग तेजी से फैली तो वे अपने साथ मौजूद लोगों से अलग हो गए। उन्होंने पास खड़ी कुछ छोड़ी गई कारों में शरण लेने की कोशिश की।

मैल्कम के अनुसार, कुल छह कारें वहां खड़ी थीं, जिनमें से चार आग की तेज लपटों में तुरंत जलकर खाक हो गईं। वे धीरे-धीरे पीछे हटते हुए आखिरी कार तक पहुंचे और उसी में छिपकर अपनी जान बचाई।

उन्होंने कहा कि किसी चमत्कार की तरह अंतिम दो कारें पूरी तरह नहीं जलीं और वे एक बिल्ली के साथ उसी कार में सुरक्षित बच गए। हालांकि उनकी पत्नी और कुछ मित्रों के इस आग में मारे जाने की आशंका जताई गई है।

7,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जलकर राख

स्पेन के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, आग ने लगभग 7,000 हेक्टेयर (करीब 17,300 एकड़) क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। जंगल, कृषि भूमि, पहाड़ी इलाके और कई रिहायशी क्षेत्रों के आसपास बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। आग बुझने के बाद पूरे इलाके में जली हुई भूमि और राख का विशाल विस्तार दिखाई दे रहा है। हालांकि अधिकारियों ने अब आग पर पूरी तरह नियंत्रण होने की पुष्टि की है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन अभी भी जारी है।

तेज गर्मी बनी बड़ी वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में स्पेन में लगातार बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं। इस वर्ष भी कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। लंबे समय तक बारिश नहीं होने और तेज हवाओं ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिणी यूरोप के कई देशों में भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति और गंभीरता बढ़ सकती है।

राहत और बचाव अभियान

आग लगने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाओं ने बड़े स्तर पर राहत अभियान शुरू किया। हेलीकॉप्टर, फायर टेंडर और विशेष अग्निशमन दलों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। कई घंटों तक चले अभियान के बाद आग को नियंत्रित किया गया और प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता विस्थापित लोगों को राहत, चिकित्सा सहायता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

जलवायु परिवर्तन पर फिर उठे सवाल

स्पेन में बार-बार लगने वाली भीषण जंगल की आग ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के कई देशों में बढ़ते तापमान, सूखा और वनस्पति के सूखने से जंगलों में आग लगने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकारों को केवल राहत कार्यों पर ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक वन प्रबंधन, जल संरक्षण और जलवायु अनुकूलन नीतियों पर भी अधिक निवेश करना होगा।

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