सरकार विरोधी प्रदर्शनों से ईरान में हालात बिगड़े, ट्रंप ने मिलिट्री विकल्प पर दी प्रतिक्रिया

सरकार विरोधी प्रदर्शनों से ईरान में हालात बिगड़े, ट्रंप ने मिलिट्री विकल्प पर दी प्रतिक्रिया

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों से तनाव बढ़ा है। ट्रंप ने मिलिट्री विकल्प की बात कही। मौतों और गिरफ्तारियों की रिपोर्ट्स के बीच ईरान ने चेतावनी दी। भारतीयों की गिरफ्तारी की खबरें ईरानी राजदूत ने खारिज कीं।

Iran Protests: ईरान इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। देशभर में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है। इन प्रदर्शनों के बीच अमेरिका, इजरायल और अन्य देशों की प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर भी खबरें सामने आईं, जिन पर अब ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है।

ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में बढ़ते तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह हालात पर कई तरह के जवाबों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें मिलिट्री ऑप्शन (Military Option) भी शामिल है। ट्रंप के इस बयान के बाद मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा संवेदनशील माने जा रहे हैं।

अमेरिका की ओर से यह संकेत दिया गया है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो वॉशिंगटन कड़ा कदम उठा सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं।

प्रदर्शनों में भारी जानमाल का नुकसान

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की खबर है। एसोसिएटेड प्रेस (Associated Press) के मुताबिक, अब तक कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है। कई रिपोर्ट्स में यह संख्या और अधिक होने की आशंका भी जताई जा रही है।

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि करीब दो हफ्ते से चल रहे इन प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह आंकड़े ईरान की आंतरिक स्थिति की गंभीरता को दिखाते हैं।

अमेरिका को ईरान की कड़ी चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को साफ शब्दों में चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अगर अमेरिका, देश में बढ़ती महंगाई और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच, प्रदर्शनकारियों की रक्षा के नाम पर बल का इस्तेमाल करता है, तो अमेरिकी सेना और इजरायल दोनों ईरान के निशाने पर होंगे।

भारतीयों की गिरफ्तारी की खबरों पर सच्चाई

ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच यह खबर भी सामने आई कि छह भारतीय नागरिकों को ईरानी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन खबरों से भारत में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, अब इस पर ईरान की ओर से साफ जवाब दिया गया है।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरें गलत हैं और इनका कोई आधार नहीं है।

ईरानी राजदूत का आधिकारिक बयान

ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लिखा कि ईरान में हो रहे डेवलपमेंट को लेकर कुछ विदेशी X अकाउंट्स पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे ऐसी खबरों पर भरोसा न करें और जानकारी केवल भरोसेमंद सोर्स (Reliable Source) से ही लें। इस बयान के बाद भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लगा।

विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि

ईरान में ये विरोध प्रदर्शन अचानक नहीं शुरू हुए। इसकी जड़ें देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति में हैं। 28 दिसंबर को ईरानी करेंसी रियाल (Rial) में भारी गिरावट दर्ज की गई। रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले 1.4 मिलियन से ज्यादा पर पहुंच गई थी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जूझ रही ईरानी अर्थव्यवस्था पर इस गिरावट का गहरा असर पड़ा। महंगाई बढ़ी और आम लोगों की परेशानियां और ज्यादा बढ़ गईं।

आर्थिक संकट से राजनीतिक विरोध तक

शुरुआत में प्रदर्शन आर्थिक मुद्दों तक सीमित थे, लेकिन धीरे-धीरे ये सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए। लोगों की मांगें सीधे ईरान की धार्मिक सरकार को चुनौती देने लगीं। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और शासन व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई। इसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू की, जिससे हालात और बिगड़ते चले गए।

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