उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले स्थित बरसाना के प्रसिद्ध राधारानी मंदिर में रविवार को अत्यधिक भीड़ के दबाव के कारण एक दुखद घटना सामने आई। गाजियाबाद से दर्शन के लिए आई 65 वर्षीय महिला श्रद्धालु सविता की मंदिर परिसर में अचेत होकर गिरने के बाद मौत हो गई।
बरसाना: गाजियाबाद की एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ बरसाना राधारानी के दर्शन करने आई थीं, लेकिन मंदिर में भीड़ के दबाव के कारण वे अचेत होकर जमीन पर गिर गईं। परिजन मुश्किल से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल पाए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सबसे पहले सीएचसी पहुंचाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दर्शन के दौरान बिगड़ी तबीयत
मृतका सविता, गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के ए-ब्लॉक विकास कुंज, इंदिरापुरी की निवासी थीं। वह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ रविवार सुबह राधारानी मंदिर में दर्शन करने के लिए बरसाना पहुंची थीं। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब नौ बजे वह ट्रेन से जंक्शन पहुंचीं और वहां से टेंपो के जरिए बरसाना आईं।रविवार और अवकाश का दिन होने के कारण मंदिर परिसर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया, भीड़ और अधिक बढ़ती चली गई। सुबह करीब 11 बजे मंदिर परिसर और राधारानी मंदिर मार्ग पर स्थिति अत्यंत भीड़भाड़ वाली हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में स्थित निशुल्क भोजनालय के पास सविता अचानक भीड़ में फंस गईं। अत्यधिक दबाव और दम घुटने की स्थिति के कारण वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। महिला के गिरते ही उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें भीड़ से बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों की मदद से सविता को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर भी दिया, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतका के साथ आए रमापति ने बताया कि सविता उनके मित्र की बड़ी बहन थीं और धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से पूरे परिवार के साथ दर्शन करने निकली थीं। इस अचानक हुई घटना से परिवार गहरे सदमे में है। एक धार्मिक यात्रा जो आस्था और शांति के लिए शुरू हुई थी, वह परिवार के लिए जीवनभर का दुख छोड़ गई।
लाडली जी मंदिर चौकी प्रभारी अनुराग चौधरी ने बताया कि महिला श्रद्धालु राधारानी मंदिर मार्ग पर स्थित निशुल्क भोजनालय के पास अचेत होकर गिरी थीं। उन्हें तत्काल सीएचसी भेजा गया था, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी दर्ज कर ली गई है। यह पहली बार नहीं है जब राधारानी मंदिर में भीड़ के कारण जानलेवा घटनाएं सामने आई हों। वर्ष 2012 में अभिषेक दर्शन के दौरान मंदिर में भगदड़ मचने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।
इसके बाद वर्ष 2023 में अभिषेक के दर्शन के लिए जा रहे दो श्रद्धालुओं की सुदामा चौक की सीढ़ियों पर दम घुटने से मौत हो गई थी। वहीं वर्ष 2024 में लड्डू होली के दौरान मंदिर के पट खुलने का इंतजार कर रही भीड़ के दबाव से सीढ़ियों की रेलिंग टूट गई थी, जिसमें 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए थे।












