Stock Market Crash: सेंसेक्स 1313 अंक गिरा, निफ्टी 360 अंक टूटा; निवेशकों में मची हड़कंप

Meta Description (Human Touch + SEO): भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है, जहां सेंसेक्स 1313 अंक और निफ्टी 360 अंक टूट गया। अचानक आई इस गिरावट

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार में गिरावट और गहरी हो गई।

बिजनेस न्यूज़: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex 1,312.91 अंकों (1.70%) की गिरावट के साथ 76,015.28 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी 360.30 अंक (1.49%) टूटकर 23,815.85 के स्तर पर बंद हुआ।

बाजार ने दिन की शुरुआत ही कमजोरी के साथ की थी, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, बिकवाली का दबाव और तेज होता गया, जिससे गिरावट गहरी होती चली गई। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र रहा जब घरेलू बाजार लाल निशान में बंद हुए हैं। इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई थी।

बाजार गिरावट की मुख्य वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं।

1. पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच किसी अंतिम समझौते में देरी ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसके चलते:

  • कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
  • वैश्विक आपूर्ति पर दबाव
  • भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर असर

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि सीधे अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों को प्रभावित करती है।

2. रुपये में कमजोरी और महंगाई का दबाव

भारतीय मुद्रा रुपये में कमजोरी भी बाजार गिरावट का एक प्रमुख कारण रही। डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से:

  • आयात महंगा हो जाता है
  • कंपनियों की लागत बढ़ती है
  • विदेशी निवेश पर दबाव बनता है

इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है और बाजार में बिकवाली बढ़ जाती है।

3. वैश्विक अनिश्चितता और नीतिगत संकेत

अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसके अलावा ऊर्जा बाजार में अस्थिरता ने भी जोखिम बढ़ाया है।आज के कारोबारी सत्र में बाजार का व्यापक दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स की 30 में से केवल 6 कंपनियों के शेयर ही बढ़त में रहे, निफ्टी 50 की 50 में से सिर्फ 11 कंपनियों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया बाकी अधिकांश शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

टाइटन शेयरों में सबसे बड़ा झटका

आज के बाजार में सबसे ज्यादा नुकसान Titan Company के शेयरों में देखने को मिला।

  • गिरावट: लगभग 6.83%
  • निवेशकों को भारी मार्क-टू-मार्केट नुकसान

टाइटन के अलावा ज्वेलरी और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव देखा गया।

बढ़त में रहने वाले शेयर

कुछ चुनिंदा कंपनियों ने बाजार गिरावट के बावजूद मजबूती दिखाई:

  • सन फार्मा: +1.36%
  • हिंदुस्तान यूनिलीवर: +0.85%
  • अडानी पोर्ट्स: +0.36%
  • कोटक महिंद्रा बैंक: +0.14%
  • आईसीआईसीआई बैंक: +0.11%

इन शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली।

सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर

आज कई बड़े स्टॉक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई:

  • इंडिगो: -4.69%
  • एसबीआई: -4.52%
  • भारती एयरटेल: -4.18%
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज: -3.31%
  • महिंद्रा एंड महिंद्रा: -2.48%
  • एचडीएफसी बैंक: -2.13%
  • बजाज फाइनेंस: -1.98%
  • एनटीपीसी: -2.32%

आईटी और मेटल सेक्टर में भी हल्की से मध्यम गिरावट देखने को मिली। भारतीय शेयर बाजार में आई यह तेज गिरावट केवल घरेलू कारणों का परिणाम नहीं है, बल्कि वैश्विक घटनाक्रमों का भी बड़ा असर है।

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