जोधपुर में पुलिस चौकी से डंपर चोरी: बजरी माफिया की बेखौफ हरकत, आंतरिक मिलीभगत की आशंका

जोधपुर की लूणी थाना चौकी से बजरी माफिया डंपर ले गया, बजरी खाली कर वापस छोड़ गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, स्टाफ की मिलीभगत की भी आशंका जताई।

जोधपुर के लूणी थाना क्षेत्र में बजरी माफिया पुलिस चौकी से जब्त डंपर ले गया, बजरी खाली कर वापस छोड़ दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरू की, स्टाफ की मिलीभगत की आशंका है।

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले में अवैध खनन और बजरी माफिया की दबंगई का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लूणी थाना क्षेत्र की धुंधाड़ा पुलिस चौकी में जब्त किए गए बजरी से भरे एक डंपर को अज्ञात आरोपियों ने चौकी परिसर से ही चुरा लिया। हैरानी की बात यह है कि डंपर में भरी बजरी को दूसरी जगह खाली करने के बाद उसे फिर से चौकी में लाकर खड़ा कर दिया गया, जिससे पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह घटना न केवल अवैध खनन के नेटवर्क की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि पुलिस चौकी की सुरक्षा और आंतरिक मिलीभगत की आशंका को भी उजागर करती है।

गश्त के दौरान जब्त किए गए थे तीन ओवरलोड डंपर

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई 7 मई की रात की है, जब लूणी थाने की टीम गश्त पर थी। इस दौरान ASI मुकेश कुमार, कॉन्स्टेबल विकास कुमार और ड्राइवर कॉन्स्टेबल भरत कुमार ने ओवरलोड और आवश्यक दस्तावेजों के बिना चल रहे तीन बजरी से भरे डंपरों को पकड़ा था।

इन सभी वाहनों को धुंधाड़ा पुलिस चौकी परिसर में सुरक्षित खड़ा करवाया गया था। इनमें से एक डंपर खेड़ापा थाना क्षेत्र के बारा खुर्द निवासी मुकेश जाट के कब्जे से जब्त किया गया था।

रात में चौकी से गायब हुआ डंपर, खाली हालत में वापस मिला

9 और 10 मई की दरमियानी रात को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जब ASI उमेश चंद्र गश्त के लिए बाहर थे, उसी दौरान अज्ञात व्यक्ति पुलिस चौकी परिसर में घुसा और जब्त डंपर को बाहर ले गया।

जानकारी के अनुसार, डंपर को किसी अन्य स्थान पर ले जाकर उसमें भरी बजरी को पूरी तरह खाली कर दिया गया। इसके बाद उसे दोबारा उसी चौकी परिसर में लाकर खड़ा कर दिया गया, ताकि किसी को शक न हो।

अगली सुबह जब पुलिस स्टाफ चौकी पहुंचा तो देखा कि जब्त किया गया डंपर खाली पड़ा था, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।

अवैध खनन और JCB जब्ती भी इसी दौरान सामने आई

इसी अवधि में पुलिस ने धुंधाड़ा क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास अवैध खनन कर रही एक जेसीबी मशीन को भी जब्त किया था। हालांकि, जेसीबी चालक मौके से फरार हो गया।

इस घटना को लेकर अलग से मामला दर्ज किया गया है, जिससे यह साफ होता है कि इलाके में अवैध बजरी खनन का संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

चौकी स्टाफ की भूमिका पर शक, जांच शुरू

घटना के बाद ASI उमेश चंद्र ने चोरी का मामला दर्ज कराया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि इस पूरी घटना में चौकी के किसी स्टाफ सदस्य की मिलीभगत हो सकती है, क्योंकि इतनी आसानी से चौकी परिसर से डंपर का निकल जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

मामले की जांच ASI लिखमाराम को सौंपी गई है और पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।

CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों की तलाश

लूणी थाना प्रभारी हमीरसिंह ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है।

पुलिस का मानना है कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि संगठित तरीके से की गई कार्रवाई है, जिसमें स्थानीय नेटवर्क की भूमिका भी हो सकती है।

अवैध बजरी खनन पर फिर उठे सवाल

राजस्थान के कई हिस्सों में अवैध बजरी खनन लंबे समय से एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि खनन माफिया न केवल सक्रिय हैं, बल्कि उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस चौकी तक से जब्त वाहन निकालने में सफल हो जाते हैं।

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