Mcap Top 10 Firms: शेयर बाजार में हाहाकार, 1 हफ्ते में 9 कंपनियों के डूबे ₹2.74 लाख करोड़, किसे लगा सबसे बड़ा झटका?

शेयर बाजार की गिरावट से टॉप-10 में शामिल 9 कंपनियों का मार्केट कैप ₹2.74 लाख करोड़ घटा। HDFC Bank को सबसे बड़ा नुकसान, जबकि HUL ही फायदे में रही।

शेयर बाजार में पिछले सप्ताह आई तेज गिरावट का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी देखने को मिला। टॉप-10 कंपनियों में से 9 के मार्केट कैप में कुल ₹2.74 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई। सबसे अधिक नुकसान HDFC Bank को हुआ, जबकि Hindustan Unilever (HUL) इकलौती कंपनी रही जिसका मार्केट कैप बढ़ा।

Business: घरेलू शेयर बाजार में बीते सप्ताह आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ देश की दिग्गज कंपनियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी के बीच टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से नौ के बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) में संयुक्त रूप से ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान HDFC Bank को सबसे बड़ा झटका लगा, जबकि Hindustan Unilever (HUL) ही ऐसी कंपनी रही जिसने नुकसान के बीच भी बढ़त दर्ज की।

बाजार में बिकवाली से दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप घटा

बीते सप्ताह शेयर बाजार में लगातार दबाव देखने को मिला। इस दौरान BSE Sensex करीब 2,091.68 अंक (2.67%) और NSE Nifty लगभग 566.85 अंक (2.32%) की गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में व्यापक बिकवाली का असर देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों पर भी पड़ा और टॉप-10 में शामिल नौ कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में कुल ₹2.74 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई।

HDFC Bank और Reliance को हुआ सबसे अधिक नुकसान

सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ, जिसका मार्केट कैप करीब ₹1.18 लाख करोड़ घट गया। इसके बाद Reliance Industries को लगभग ₹65,430 करोड़ का नुकसान हुआ।

इसके अलावा State Bank of India (SBI), Bajaj Finance, LIC, ICICI Bank, Bharti Airtel, Tata Consultancy Services (TCS) और Larsen & Toubro (L&T) के बाजार पूंजीकरण में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी कमी आई।

बाजार में गिरावट की क्या रही वजह?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह कई वैश्विक और घरेलू कारणों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, पहली तिमाही के मिले-जुले कॉर्पोरेट नतीजे और बैंकिंग सेक्टर पर मार्जिन का दबाव प्रमुख कारण रहे।

इसके अलावा रुपये में कमजोरी और वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने (Risk-Off) की प्रवृत्ति के चलते विदेशी निवेशकों की खरीदारी भी सीमित रही, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।

HUL रही इकलौती फायदे में रहने वाली कंपनी

बाजार में व्यापक गिरावट के बावजूद Hindustan Unilever (HUL) ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹153 करोड़ बढ़कर ₹5.03 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया। यह टॉप-10 कंपनियों में एकमात्र कंपनी रही जिसने सप्ताह के दौरान निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया।

मार्केट कैप के आधार पर Reliance Industries देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद Bharti Airtel, HDFC Bank, ICICI Bank, SBI, TCS, Bajaj Finance, LIC, L&T और HUL का स्थान रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतकों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही कारक बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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