आज शेयर बाजार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ होने की उम्मीद है। गिफ्ट निफ्टी करीब 170 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि वैश्विक बाजारों में भी मजबूती का माहौल बना हुआ है।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही है। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई उल्लेखनीय गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा लागत में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी का असर घरेलू इक्विटी बाजारों पर भी दिखाई दे सकता है।
बाजार के शुरुआती संकेतकों के अनुसार, गिफ्ट निफ्टी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उत्साहजनक रह सकती है। इसके साथ ही एशियाई और अमेरिकी बाजारों में सकारात्मक रुझान ने निवेशकों की धारणा को और मजबूत किया है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी प्रमुख वजह
वैश्विक कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में हाल के सत्र में तेज गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलकर लगभग 78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। एक ही कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में से एक है। ऐसे में तेल की कीमतों में कमी देश के लिए कई स्तरों पर राहत लेकर आती है।
इससे आयात बिल कम हो सकता है, महंगाई पर दबाव घट सकता है और कंपनियों की लागत में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है। इन कारणों से निवेशक आमतौर पर ऊर्जा कीमतों में गिरावट को शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानते हैं।
अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिला समर्थन
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मजबूत बढ़त देखने को मिली। वहीं, अमेरिकी फ्यूचर्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे वैश्विक निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता में सुधार का संकेत मिलता है।
एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई इंडेक्स उल्लेखनीय तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स भी हरे निशान में बने हुए हैं। एशियाई बाजारों की यह मजबूती भारतीय बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार कर सकती है।

आरबीआई की मौद्रिक नीति पर निवेशकों की नजर
वैश्विक संकेतों के अलावा घरेलू स्तर पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। निवेशकों और विश्लेषकों की नजर केंद्रीय बैंक की नीति घोषणा पर बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए आरबीआई प्रमुख ब्याज दरों में किसी बड़े बदलाव से बच सकता है। यदि केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों को स्थिर रखता है, तो यह बाजार के लिए संतुलित और अनुमानित वातावरण प्रदान कर सकता है। हालांकि, निवेशक आरबीआई की महंगाई, विकास दर और तरलता से जुड़ी टिप्पणियों पर भी विशेष ध्यान देंगे।
इन शेयरों में रह सकती है हलचल
तिमाही नतीजों और कॉर्पोरेट अपडेट्स के चलते कई प्रमुख कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे। दूरसंचार, ऊर्जा, उपभोक्ता वस्तु, ज्वेलरी, हेल्थकेयर और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों में गतिविधि बढ़ सकती है।
विशेष रूप से भारती एयरटेल, ONGC, नायका, मैरिको, कल्याण ज्वैलर्स, यूनाइटेड ब्रुअरीज, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX), शीला फोम, BSE, मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर, दीपक नाइट्राइट, सनोफी इंडिया, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
इसके अलावा पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, पॉलिसीबाजार, नवीन फ्लोरिन इंटरनेशनल और एचटी मीडिया जैसी कंपनियां भी अपने वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं। इन कंपनियों के प्रदर्शन के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में निवेशकों की गतिविधि बढ़ सकती है।










