Stock Market Today: उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 172 अंक टूटा; ईरान तनाव और महंगे क्रूड ने बिगाड़ा बाजार का मूड

Stock Market Today: उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 172 अंक गिरकर बंद हुआ। ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार का मूड बिगाड़ा, निफ्टी पर भी दबाव रहा।

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह खरीदारी के चलते बाजार में तेजी का माहौल बना, लेकिन बाद में बिकवाली हावी होने से दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार के दौरान जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती सत्र में खरीदारी के कारण बाजार में मजबूती की उम्मीद बनी थी, लेकिन दिन बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके चलते प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। BSE Sensex 171.72 अंक टूटकर 77,369.11 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 में 32.95 अंक की गिरावट आई और यह 24,219.05 के स्तर पर रहा।

बाजार में कमजोरी के बावजूद मेटल और कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को सीमित रखा। दूसरी ओर, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक और कुछ कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखने को मिला।

बाजार में बढ़त और गिरावट वाले शेयरों की तस्वीर

सोमवार के कारोबार में बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिली। करीब 1,970 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,278 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। लगभग 199 शेयर ऐसे रहे, जिनमें कारोबार के अंत तक कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी 50 में SBI Life Insurance, Bajaj Finance, Bajaj Finserv, Bharat Electronics और Adani Ports प्रमुख गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। इन शेयरों में बिकवाली ने प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।

वहीं, Hindalco, JSW Steel, Dr. Reddy's Laboratories, Tata Steel और HCL Technologies में खरीदारी देखने को मिली। खास तौर पर मेटल शेयरों की मजबूती ने बाजार में गिरावट को कुछ हद तक नियंत्रित किया।

PSU बैंक शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो सोमवार को PSU Bank Index सबसे ज्यादा दबाव में रहा और करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके अलावा प्राइवेट बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी लगभग 0.3 से 0.5 फीसदी तक की कमजोरी देखने को मिली। इसके उलट IT, एनर्जी, मेटल और रियल्टी से जुड़े कुछ शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। मेटल सेक्टर में खरीदारी खास तौर पर दिखाई दी।

व्यापक बाजार की बात करें तो Nifty Midcap Index करीब 0.13 फीसदी ऊपर बंद हुआ, जबकि Smallcap Index में 0.26 फीसदी की गिरावट रही। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की रणनीति अलग-अलग रही।

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता

बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ने के पीछे वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा और दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। निवेशक इस बात को लेकर सतर्क हैं कि यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर ऊर्जा बाजार, वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।

ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर जोखिम वाली परिसंपत्तियों में अपनी पोजीशन को लेकर अधिक सतर्क हो जाते हैं, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

92 डॉलर के ऊपर ब्रेंट क्रूड

कच्चे तेल की कीमत भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी नीचे आया, लेकिन इसके बावजूद इसकी कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही। भारत अपनी घरेलू जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है। ऐसे में लंबे समय तक ऊंची तेल कीमतें देश के आयात बिल, महंगाई, रुपये की विनिमय दर और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकती हैं।

महंगा क्रूड विशेष रूप से एविएशन, ऑटोमोबाइल, पेंट, केमिकल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों की कंपनियों के लिए चुनौती पैदा कर सकता है। वहीं, तेल की ऊंची कीमतों का व्यापक असर घरेलू उपभोक्ता मांग और आर्थिक विकास पर भी पड़ सकता है।

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