Stock Market Today: सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,400 के पार, IT और फार्मा शेयरों में दिखा मिला-जुला रुख

Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 564 अंक बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,400 के पार पहुंचा। IT और फार्मा शेयरों में

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 564.03 अंक की बढ़त के साथ 74,858.99 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.90 अंक चढ़कर 23,414.30 पर पहुंच गया। 

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार के दौरान खरीदारी का माहौल रहा। हालिया गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी से घरेलू बाजार को समर्थन मिला और दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 564.03 अंक यानी करीब 0.76 फीसदी की तेजी के साथ 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 67.90 अंक बढ़कर 23,414.30 अंक के स्तर पर पहुंच गया।

बाजार में तेजी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्राथमिक बाजार में बढ़ी गतिविधियों ने निवेशकों को सतर्क रखा। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी सोमवार को मजबूत हुआ। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, रुपया 15 पैसे की बढ़त के साथ 95.81 रुपये प्रति डॉलर के अस्थायी स्तर पर बंद हुआ।

खरीदारी से बाजार को मिला सहारा

पिछले कारोबारी सत्रों में आई कमजोरी के बाद सोमवार को कई प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को मजबूती मिली। हालांकि, बाजार में तेजी एकतरफा नहीं रही। अलग-अलग सेक्टरों के प्रदर्शन में अंतर देखने को मिला। आईटी क्षेत्र के शेयरों पर दबाव रहा, जबकि फार्मा और एफएमसीजी से जुड़े शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन दिखाई दिया।

फार्मा सेक्टर सबसे आगे

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सेक्टोरल इंडेक्स में कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी फार्मा प्रमुख लाभ वाले सेक्टरों में रहा। इसके बाद एफएमसीजी क्षेत्र में भी मजबूती दर्ज की गई। दिग्गज कंपनियों में आईटीसी और सन फार्मा के शेयर करीब 2 फीसदी तक चढ़े। दूसरी ओर, निफ्टी आईटी में मामूली कमजोरी देखने को मिली। सेक्टर आधारित यह अंतर बताता है कि निवेशकों ने सोमवार को चुनिंदा क्षेत्रों और कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया।

कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई हैं। मध्य पूर्व में जारी तनाव और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच तेल बाजार पर लगातार नजर बनी हुई है। हालांकि, सोमवार को ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। इसके पीछे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए तेल की आपूर्ति और प्रवाह में सुधार को प्रमुख कारणों में गिना गया। 

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव कुछ कम हो सकता है। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण तेल बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

वैश्विक बाजारों में भी तेजी

भारतीय बाजार के साथ सोमवार को प्रमुख वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखा गया। यूरोपीय बाजारों में स्टॉक्स यूरोप 600 करीब 0.9 फीसदी ऊपर था। अमेरिकी बाजारों के वायदा संकेतकों में भी मजबूती दिखाई दी। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स करीब 0.7 फीसदी और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स करीब 1.1 फीसदी ऊपर रहे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स में भी लगभग 0.7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

एशियाई बाजारों में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स करीब 1.1 फीसदी और MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी ऊपर रहा। वैश्विक बाजारों की यह मजबूती घरेलू इक्विटी बाजार में निवेशकों के सेंटीमेंट को समर्थन देने वाले कारकों में शामिल रही।

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