उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई झटका मशीन की चपेट में आने से एक बच्ची की मौत हो गई। हादसा घरवासपुर गांव में हुआ। बताया जा रहा है कि बच्ची खेलते-खेलते घर से बाहर निकलकर खेत की ओर पहुंच गई थी। इसी दौरान वह खेत के चारों ओर लगाई गई विद्युत तार की चपेट में आ गई।
हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंचे और बच्ची को वहां से हटाया। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन उसकी हालत गंभीर थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली और परिवार के सदस्यों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। बच्ची की मौत के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
बताया जा रहा है कि खेत में फसल को जंगली जानवरों और अन्य नुकसान से बचाने के लिए झटका मशीन लगाई गई थी। मशीन से जुड़े तार खेत के आसपास लगाए गए थे। इन तारों में विद्युत प्रवाह रहता है और इनके संपर्क में आने पर तेज झटका लग सकता है। खेत की तरफ खेलते हुए पहुंची बच्ची को संभवत: इन तारों के बारे में जानकारी नहीं थी।
परिवार के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक है। जिस बच्ची के घर से खेलने के लिए निकलने की उम्मीद थी, उसकी मौत की खबर पहुंचते ही परिजनों में मातम छा गया। परिजन घटना के बाद से सदमे में हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक खेतों के आसपास इस तरह की झटका मशीन लगाने के दौरान विशेष सावधानी जरूरी है। यदि विद्युत तार ऐसे स्थान पर लगाए गए हों जहां बच्चे या आम लोग आसानी से पहुंच सकते हैं, तो दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे अक्सर खेलते हुए खेतों की तरफ चले जाते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
झटका मशीन का इस्तेमाल आमतौर पर खेतों में फसल को जानवरों से बचाने के लिए किया जाता है। मशीन तार में ऐसा विद्युत झटका पैदा करती है जिससे जानवर खेत में प्रवेश न करें। लेकिन यदि तार खुले या असुरक्षित तरीके से लगाए जाएं और किसी व्यक्ति का संपर्क हो जाए, तो गंभीर हादसा हो सकता है।
इस घटना ने खेतों के आसपास लगाए जाने वाले विद्युत सुरक्षा उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। खेत मालिकों से यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि ऐसे तार बच्चों और राहगीरों की पहुंच से दूर रहें। साथ ही तार वाले क्षेत्र में स्पष्ट चेतावनी संकेत भी लगाए जाने चाहिए।
ग्रामीण इलाकों में खेत अक्सर घरों और आबादी के आसपास होते हैं। बच्चे खेलते हुए कभी-कभी खेतों में चले जाते हैं। ऐसे में खेत के चारों ओर लगाए गए किसी भी विद्युत उपकरण को सुरक्षित तरीके से लगाना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि झटका मशीन किस तरह लगाई गई थी और खेत के आसपास सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। जांच के बाद घटना के लिए जिम्मेदारी तय होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बच्ची की मौत के बाद गांव में लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास लगाए गए विद्युत तारों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। विशेषकर ऐसे स्थानों पर जहां आसपास घर या रास्ते हों, वहां सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
परिवार के लिए यह घटना एक पल में सब कुछ बदल देने वाली साबित हुई। बच्ची खेलते-खेलते खेत की ओर गई थी, लेकिन वहां मौजूद झटका मशीन उसके लिए जानलेवा बन गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किस परिस्थितियों में हुआ और झटका मशीन की वायरिंग या सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही थी या नहीं। फिलहाल पुलिस ने मौके की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से भी मांग की है कि खेतों में इस्तेमाल होने वाली ऐसी मशीनों और विद्युत तारों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए। लोगों को बताया जाए कि इन्हें आबादी और सार्वजनिक रास्तों से सुरक्षित दूरी पर कैसे लगाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सुलतानपुर के घरवासपुर में हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। खेलते-खेलते खेत की ओर पहुंची बच्ची झटका मशीन के तार की चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई। हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, जबकि परिवार में मातम पसरा हुआ है।











