सुल्तानपुर में कोर्ट स्टे के बावजूद काटा गया पेड़: विरोध करने पर पति का कान काटने का आरोप, 4 लोगों पर केस दर्ज

सुल्तानपुर में कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद पेड़ काटने का आरोप लगा है। विरोध करने पर एक व्यक्ति का कान काटने का आरोप है। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुल्तानपुर में कोर्ट स्टे के बावजूद काटा गया पेड़: विरोध करने पर पति का कान काटने का आरोप, 4 लोगों पर केस दर्ज
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सुल्तानपुर जिले में कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद पेड़ काटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने पेड़ काटने का विरोध किया तो विवाद हिंसक हो गया। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने मारपीट की और एक व्यक्ति का कान काट दिया। घटना के बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष का कहना है कि संबंधित जमीन और उस पर खड़े पेड़ को लेकर न्यायालय में मामला लंबित है। अदालत की ओर से स्टे आदेश होने के बावजूद आरोपियों ने पेड़ काटना शुरू कर दिया। जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट के दौरान एक आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर व्यक्ति का कान गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार किया गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा दोनों पक्षों से पूछताछ की। पीड़ित की शिकायत के आधार पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में यह सामने आता है कि कोर्ट के स्टे आदेश का उल्लंघन हुआ है, तो उससे संबंधित कानूनी पहलुओं की भी जांच की जाएगी। साथ ही मारपीट और घायल करने के आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार जमीन और पेड़ को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। हालांकि घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जिसे देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी संपत्ति या जमीन पर न्यायालय का स्टे आदेश प्रभावी है, तो उसका उल्लंघन गंभीर कानूनी परिणाम ला सकता है। ऐसे मामलों में अदालत के आदेश का पालन करना सभी पक्षों के लिए अनिवार्य होता है।

फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। घायल व्यक्ति का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है और मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 
 

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