स्वीडन के स्कूल में तलवार से हमला, एक छात्रा की मौत; आरोपी के ऑनलाइन नेटवर्क की जांच तेज

स्वीडन के फागरस्ता हाईस्कूल में तलवार से हमले में 17 वर्षीय छात्रा की मौत और दो छात्र घायल हुए। पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया और ऑनलाइन नेटवर्क की जांच कर रही है।

स्वीडन के फागरस्ता शहर में हाईस्कूल पर तलवार से हुए हमले में 17 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई और दो किशोर घायल हुए। पुलिस ने 18 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है और उसके सोशल मीडिया कनेक्शन तथा हिंसक ऑनलाइन समुदायों से संभावित संबंधों की जांच जारी है।

फागरस्ता: स्वीडन के मध्यवर्ती शहर फागरस्ता में एक हाईस्कूल में तलवार से किए गए हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि 18 वर्षीय संदिग्ध किसी ऐसे ऑनलाइन समुदाय से जुड़ा था या नहीं, जहां स्कूलों में हिंसा को बढ़ावा दिया जाता था। हमले में 17 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई, जबकि दो किशोर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद स्वीडन में स्कूल सुरक्षा और सोशल मीडिया पर हिंसक सामग्री को लेकर बहस तेज हो गई है।

हाईस्कूल में अचानक हुआ हमला

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को फागरस्ता के एक हाईस्कूल में 18 वर्षीय युवक ने छात्रों पर तलवार से हमला किया। हमले में एक 17 वर्षीय छात्रा की जान चली गई, जबकि दो किशोर लड़के गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या तथा हत्या के प्रयास के कई मामलों में कार्रवाई की जा रही है।

मृत छात्रा के माता-पिता ने स्थानीय समाचार पत्र फागरस्ता-पोस्टेन को बताया कि उनकी बेटी हमले में मारी गई। घटना के बाद स्कूल और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई तथा जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से संबंधित सबूत जुटाने शुरू कर दिए।

सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच

जांच का एक अहम पहलू संदिग्ध के संभावित सोशल मीडिया कनेक्शन से जुड़ा है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या एक टिकटॉक अकाउंट संदिग्ध का था। इस अकाउंट पर हमले से करीब 20 मिनट पहले तलवार की तस्वीर पोस्ट की गई थी।

स्वीडिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तस्वीर संभवतः स्कूल के एक शौचालय में ली गई थी। पुलिस अभी यह पुष्टि करने की कोशिश कर रही है कि अकाउंट वास्तव में संदिग्ध द्वारा संचालित किया जा रहा था या नहीं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता ऐसे ऑनलाइन समुदायों की भी पड़ताल कर रहे हैं, जहां स्कूल हिंसा या सामूहिक हमलों को बढ़ावा देने वाली सामग्री साझा की जा सकती है। अधिकारियों को यह पता लगाना है कि क्या इंटरनेट पर मौजूद किसी समूह या सामग्री ने संदिग्ध के व्यवहार को प्रभावित किया था।

पुराने स्कूल हमलों से जुड़ी सामग्री मिली

पुलिस के अनुसार, जांच के दायरे में आया सोशल मीडिया अकाउंट लगभग एक महीने पुराना था और शुक्रवार को उसे हटा दिया गया। अकाउंट पर स्वीडन में हुई दो सामूहिक हिंसा की घटनाओं से संबंधित वीडियो मौजूद थे।

इनमें 2015 में पश्चिमी स्वीडन के ट्रोलहैटन में हुए स्कूल हमले का संदर्भ भी शामिल था। उस घटना में एक नकाबपोश हमलावर ने तलवार से एक शिक्षक सहायक और दो छात्रों की हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस ने हमलावर को गोली मार दी थी।

अकाउंट पर नॉर्वे के दक्षिणपंथी चरमपंथी हमलावर एंडर्स बेहरिंग ब्रेविक से संबंधित सामग्री का भी संदर्भ होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन ऑनलाइन सामग्रियों और फागरस्ता हमले के बीच सीधा संबंध अभी जांच का विषय है। पुलिस ने फिलहाल यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि इंटरनेट सामग्री ने हमले के लिए संदिग्ध को प्रेरित किया था।

पुलिस ने आरोपी को गोली नहीं मारी थी

हमले के बाद पुलिस की शुरुआती जानकारी में कहा गया था कि संदिग्ध को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिस के हथियारों का इस्तेमाल हुआ। बाद में अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि संदिग्ध को गोली नहीं लगी थी और गिरफ्तारी के बाद उसे चिकित्सा उपचार की जरूरत भी नहीं पड़ी।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान सेवा हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन आरोपी इस प्रक्रिया में घायल नहीं हुआ। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ करने के साथ-साथ हमले से जुड़े डिजिटल और भौतिक सबूतों को एकत्र कर रही हैं।

अभियोजक एन-सोफी ट्रॉसिंग ने कहा कि जांच महत्वपूर्ण और सक्रिय चरण में है। अधिकारियों द्वारा पूछताछ और अन्य जानकारी जुटाने का काम जारी है, लेकिन जांच की संवेदनशीलता के कारण फिलहाल सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।

स्वीडन के राजनीतिक नेताओं ने चुनाव प्रचार रोका

फागरस्ता हमले का असर स्वीडन की राजनीति पर भी दिखाई दिया। 13 सितंबर को होने वाले आम चुनाव से पहले कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने शनिवार को अपने निर्धारित चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिए।

प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टेरसन और विपक्षी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता मैग्डालेना एंडरसन फागरस्ता पहुंचे। दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बारे में जानकारी ली।

प्रधानमंत्री क्रिस्टेरसन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी, वह एक बार फिर हुई है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि उनका ध्यान सबसे पहले उन लोगों पर है, जो इस घटना से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

स्वीडन में स्कूल सुरक्षा फिर चर्चा में

फागरस्ता की घटना ने स्वीडन में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर पुरानी चिंताओं को फिर सामने ला दिया है। देश में पहले भी स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर गंभीर हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं।

फरवरी 2025 में दक्षिण-मध्य शहर ओरेब्रो के एक स्कूल में स्वीडन की सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी हुई थी। उस हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी और बाद में हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली थी।

इन घटनाओं के बाद स्वीडन में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था, हिंसक विचारधाराओं के ऑनलाइन प्रसार और संभावित हमलावरों की शुरुआती पहचान जैसे मुद्दों पर चर्चा बढ़ी है। फागरस्ता मामले में भी जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या संदिग्ध के ऑनलाइन व्यवहार में पहले से ऐसे संकेत मौजूद थे, जिन्हें पहचाना जा सकता था।

जांच में ऑनलाइन गतिविधियों पर विशेष नजर

फागरस्ता हमले की जांच अब केवल घटनास्थल तक सीमित नहीं है। पुलिस संदिग्ध की डिजिटल गतिविधियों, सोशल मीडिया अकाउंट और संभावित ऑनलाइन संपर्कों की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों का मुख्य सवाल यह है कि क्या संदिग्ध ने किसी ऐसे ऑनलाइन समूह से संपर्क किया था, जो स्कूलों में हिंसा या सामूहिक हमलों को प्रोत्साहित करता हो। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी विशेष संगठन को हमले के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

मामले की जांच जारी है और अभियोजन पक्ष संदिग्ध के खिलाफ हत्या तथा कई हत्या के प्रयास के आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चला रहा है। पुलिस ने कहा है कि आने वाले दिनों में पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य जांच के आधार पर हमले की पृष्ठभूमि को समझने की कोशिश की जाएगी।

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