Tamil Nadu Government Formation: 118 विधायकों के समर्थन पर अड़ा राजभवन, TVK प्रमुख विजय को दूसरी बार वापस भेजा

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। राजभवन ने 118 विधायकों के समर्थन का स्पष्ट दावा मांगा है, जिसके बाद TVK प्रमुख विजय को दूसरी बार वापस

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक असमंजस जारी है। टीवीके प्रमुख और अभिनेता से नेता बने विजय ने कांग्रेस के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया है, लेकिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने स्पष्ट कर दिया है कि शपथ ग्रहण तभी संभव होगा जब 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का स्पष्ट समर्थन साबित किया जाए।

चेन्नई: Tamil Nadu में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक असमंजस के बीच Vijay आज एक बार फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल RN Ravi से मुलाकात की। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यपाल ने इस मुलाकात के दौरान यह संकेत दिया कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने भर से सरकार बनाने का दावा स्वतः स्वीकार नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए स्पष्ट बहुमत और आवश्यक समर्थन का होना जरूरी है।

राज्यपाल का सख्त संदेश: “केवल दावा नहीं, बहुमत जरूरी”

राजभवन के रुख के मुताबिक, केवल सबसे बड़ी पार्टी होने या समर्थन पत्र प्रस्तुत करने से सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। राज्यपाल का मानना है कि तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में स्थिर सरकार के लिए वास्तविक बहुमत जरूरी है, न कि केवल राजनीतिक दावे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने यह भी संकेत दिया है कि उन्हें लिखित और सत्यापित समर्थन चाहिए, ताकि विधानसभा में सरकार की स्थिरता पर कोई सवाल न उठे।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु में टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का दावा किया। हालांकि, पार्टी प्रमुख विजय स्वयं दो सीटों से विजयी हुए हैं, और नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इस स्थिति में टीवीके की प्रभावी संख्या घटकर 107 रह जाती है।

कांग्रेस के समर्थन से भी नहीं बना बहुमत

सरकार गठन की कोशिशों के बीच टीवीके को बड़ा राजनीतिक समर्थन तब मिला जब कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर विजय के समर्थन का ऐलान किया। कांग्रेस के पांच विधायक टीवीके के साथ आए, जिससे कुल संख्या 112 तक पहुंच गई। इसके बावजूद यह आंकड़ा बहुमत के लिए आवश्यक 118 से छह सीटें कम है, जिससे सरकार गठन की प्रक्रिया अटक गई है।

विजय ने कांग्रेस के समर्थन पत्र के साथ औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद गुरुवार को वह फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात की। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने इस दौरान साफ कर दिया कि केवल राजनीतिक समर्थन पत्र पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक बहुमत साबित होने तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती।

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