देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के सीईओ और एमडी K. Krithivasan की सैलरी को लेकर कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के आंकड़े जारी किए हैं।
बिजनेस न्यूज़: देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी Tata Consultancy Services ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर K Krithivasan की सैलरी का खुलासा किया है। कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में के. कृतिवासन का कुल वेतन 28.1 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 6.3 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2025 में उन्हें 26.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। यह जानकारी सामने आने के बाद कॉर्पोरेट वेतन संरचना और भारतीय आईटी सेक्टर में शीर्ष अधिकारियों की कमाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
किस रूप में मिली 28 करोड़ रुपये की सैलरी?
K Krithivasan को मिलने वाले कुल वेतन में कई घटक शामिल हैं। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार:
- बेसिक सैलरी — ₹1.67 करोड़
- भत्ते, लाभ और अन्य सुविधाएं — ₹1.43 करोड़
- कमीशन — ₹25 करोड़
यानी कुल मिलाकर उन्हें वित्त वर्ष 2026 में 28.1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला। कंपनी ने बताया कि CEO की सैलरी और कर्मचारियों की औसत सैलरी के बीच अनुपात 332.8 गुना रहा। यह आंकड़ा किसी कंपनी में शीर्ष प्रबंधन और औसत कर्मचारियों के वेतन अंतर को दर्शाता है।
COO आरती सुब्रमण्यम की सैलरी भी चर्चा में
Aarthi Subramanian, जो कंपनी की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) हैं, उन्हें भी वित्त वर्ष 2026 में 18.33 करोड़ रुपये का कुल वेतन मिला। इसमें उनकी बेसिक सैलरी लगभग 1.5 करोड़ रुपये शामिल थी। टीसीएस के शीर्ष प्रबंधन के वेतन आंकड़े भारतीय कॉर्पोरेट जगत में लगातार बढ़ते एग्जीक्यूटिव पे ट्रेंड को दिखाते हैं, खासकर आईटी सेक्टर में जहां वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।

कर्मचारियों को मिला औसतन 5.1% इंक्रीमेंट
Tata Consultancy Services ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 5.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। कंपनी के अनुसार, जूनियर और मिड-लेवल कर्मचारियों को 4.5% से 7% तक इंक्रीमेंट मिला। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को दो अंकों में वेतन वृद्धि दी गई. प्रमोशन और अतिरिक्त लाभों को मिलाकर कुल बढ़ोतरी 5% से 8% के बीच रही।
टीसीएस ने यह भी बताया कि कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या 5,84,519 है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी आईटी वर्कफोर्स वाली कंपनियों में शामिल होती है।
नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को मिलती है सिटिंग फीस
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में बोर्ड सदस्यों को मिलने वाले भुगतान का भी उल्लेख किया गया है। Tata Consultancy Services अपने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने के लिए प्रति मीटिंग ₹30,000 की सिटिंग फीस देती है। इसके अलावा, कंपनी एक्ट के प्रावधानों के तहत उन्हें कमीशन भी दिया जाता है, जो कंपनी के नेट प्रॉफिट के 1 प्रतिशत की सीमा के भीतर होता है। यह भुगतान शेयरधारकों की मंजूरी के बाद किया जाता है।
Tata Consultancy Services भारत की सबसे मूल्यवान आईटी कंपनियों में से एक है और वैश्विक स्तर पर डिजिटल सेवाएं, क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई और कंसल्टिंग सेवाएं प्रदान करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को मिलने वाला उच्च वेतन वैश्विक आईटी उद्योग में नेतृत्व और रणनीतिक निर्णयों की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।










