भारत की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अपनी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि बेंगलुरु स्थित 'ग्लोबल एक्सिस कैंपस' में NVIDIA के सहयोग से अत्याधुनिक ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग लैब (Autonomous Engineering Lab) की शुरुआत की गई है।
बिजनेस न्यूज़: भारत में औद्योगिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और NVIDIA ने बेंगलुरु में देश की पहली Autonomous Engineering Lab की शुरुआत की है। यह अत्याधुनिक लैब उद्योगों को AI आधारित समाधान विकसित करने, उनका परीक्षण करने और उन्हें बड़े पैमाने पर उत्पादन तक पहुंचाने में मदद करेगी।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया भर में कंपनियां ऑटोमेशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर-ड्रिवन इंजीनियरिंग को तेजी से अपना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लैब भारत को इंडस्ट्री 4.0 और AI आधारित औद्योगिक नवाचारों के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिला सकती है।
AI आधारित इंजीनियरिंग को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
TCS की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नई लैब बेंगलुरु स्थित Global Axis Campus में स्थापित की गई है। इसे NVIDIA के उन्नत AI कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म और TCS की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के संयोजन से विकसित किया गया है। इस लैब का उद्देश्य केवल AI तकनीकों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि उद्योगों को उनके शुरुआती AI प्रोजेक्ट्स को वास्तविक व्यावसायिक उत्पादों में बदलने में सहायता करना है। इससे कंपनियां अपने नए उत्पादों और तकनीकों का परीक्षण, सुधार और तैनाती पहले से अधिक तेज और प्रभावी तरीके से कर सकेंगी।
पायलट प्रोजेक्ट से बड़े स्तर के उत्पादन तक
कई कंपनियों के AI प्रोजेक्ट शुरुआती परीक्षण (Pilot Phase) के बाद आगे नहीं बढ़ पाते। नई Autonomous Engineering Lab इसी चुनौती का समाधान करने के लिए तैयार की गई है। यहां कंपनियां अपने उत्पादों और सिस्टम का डिजिटल मॉडल तैयार कर सकेंगी, विभिन्न परिस्थितियों में उनका परीक्षण कर सकेंगी और वास्तविक उत्पादन से पहले संभावित जोखिमों की पहचान कर सकेंगी। इससे लागत कम होगी, उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होगी और विकास की गति बढ़ेगी।
यह लैब विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, मोबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और स्मार्ट फैक्ट्री जैसे क्षेत्रों के लिए विकसित की गई है। AI आधारित तकनीकों के जरिए वाहन निर्माण, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, मशीनों की निगरानी और रखरखाव को अधिक स्मार्ट बनाया जा सकेगा। इससे उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी और संचालन लागत में भी कमी आने की संभावना है।
लैब में विकसित होंगी अत्याधुनिक AI तकनीकें

नई सुविधा में कई आधुनिक AI समाधान विकसित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—
- TCS DriveSphere: सॉफ्टवेयर-आधारित वाहनों के लिए AI संचालित कनेक्टेड प्लेटफॉर्म।
- Autonomous Systems: ड्राइवरलेस तकनीक और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) का विकास।
- Predictive Maintenance: AI की मदद से मशीनों की खराबी का पहले से अनुमान लगाकर समय पर मरम्मत।
- Digital Twin Technology: फैक्ट्री और वाहनों के डिजिटल मॉडल बनाकर प्रदर्शन का आकलन।
- Agentic AI: ऐसे AI सिस्टम जो इंजीनियरिंग और उत्पादन प्रक्रियाओं में स्वायत्त निर्णय लेने में सक्षम हों।
इन तकनीकों का उद्देश्य उद्योगों को अधिक सुरक्षित, कुशल और डेटा-आधारित बनाना है।
भारत के AI इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार, यह लैब केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में इससे स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थान, इंजीनियरिंग कंपनियां और तकनीकी साझेदार भी लाभ उठा सकते हैं। भारत पहले ही डिजिटल परिवर्तन और सॉफ्टवेयर सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुका है। अब AI आधारित औद्योगिक समाधान विकसित करने की दिशा में यह पहल देश की तकनीकी क्षमता को और मजबूत कर सकती है।
TCS में इंडस्ट्रियल ऑटोनॉमी और इंजीनियरिंग के ग्लोबल हेड श्रीनिवास चक्रवर्ती ने कहा कि बेंगलुरु लंबे समय से भारत के तकनीकी नवाचार का केंद्र रहा है। उनके अनुसार, NVIDIA की AI क्षमता और TCS की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता मिलकर ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करेगी जहां नए विचार तेजी से व्यावहारिक समाधान में बदल सकेंगे।
वहीं NVIDIA के वाइस प्रेसिडेंट एल्विन डिकोस्टा ने कहा कि यह लैब उद्योगों को सिमुलेशन और वास्तविक उत्पादन के बीच की दूरी कम करने में मदद करेगी। इससे कंपनियां नई पीढ़ी के AI आधारित औद्योगिक समाधान तेजी से विकसित कर सकेंगी।









