भोपाल डबल मर्डर केस का खुलासा, करोड़ों की प्रॉपर्टी के लालच में ब्रोकर और भाई गिरफ्तार

भोपाल डबल मर्डर केस में पुलिस ने प्रॉपर्टी ब्रोकर और उसके भाई को गिरफ्तार किया। करोड़ों की संपत्ति के लालच में बुजुर्ग दंपती की हत्या का आरोप।

भोपाल के ऐशबाग में हुए बुजुर्ग दंपती हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया था।

भोपाल: राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में हुए चर्चित भोपाल डबल मर्डर केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि बुजुर्ग दंपती की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उनके भरोसेमंद प्रॉपर्टी ब्रोकर और उसके भाई ने हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

भरोसे का फायदा उठाकर रची गई हत्या की साजिश

भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में 26 जून को हुए चर्चित बुजुर्ग दंपती हेमंत और शकुंतला हत्याकांड का पुलिस ने करीब 20 दिन की जांच के बाद खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार इस वारदात के पीछे कोई पेशेवर अपराधी गिरोह नहीं, बल्कि दंपती का भरोसेमंद प्रॉपर्टी ब्रोकर और उसका सगा भाई ही मुख्य आरोपी निकले। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।

जांच में सामने आया कि बुजुर्ग दंपती अपनी करोड़ों रुपये की संपत्ति बेचने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी प्रॉपर्टी ब्रोकर ने विश्वास जीतकर कथित रूप से महिला से संपत्ति के दानपत्र पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में जब दंपती को पूरे मामले की जानकारी हुई और उन्होंने संपत्ति बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू की, तब आरोपियों को अपना राज खुलने और संपत्ति हाथ से निकलने का डर सताने लगा। इसी के बाद दोनों भाइयों ने कथित तौर पर हत्या की पूरी साजिश तैयार की।

तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए आसान नहीं था। मामले की जांच के लिए लगभग 100 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 800 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला और हर छोटी-बड़ी गतिविधि का विश्लेषण किया।

फुटेज के आधार पर आरोपियों की आवाजाही का पूरा रूट तैयार किया गया। जांच में पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी ऐशबाग क्षेत्र से लगभग नौ किलोमीटर दूर तक गए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों को भी जांच में शामिल किया, जिससे मामले की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती चली गईं।

900 संदिग्धों से पूछताछ के बाद मिली सफलता

जांच के दौरान पुलिस ने केवल तकनीकी साक्ष्यों पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि क्षेत्र के करीब 900 पुराने अपराधियों और निगरानी बदमाशों से भी पूछताछ की। कई दिनों तक चली पड़ताल, लगातार छानबीन और साक्ष्यों के मिलान के बाद पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा से हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस अब भी मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, दानपत्र की वैधता और अन्य कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में पेश की जाएगी। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि संपत्ति विवाद और भरोसे का दुरुपयोग कई बार बेहद गंभीर अपराधों का कारण बन सकता है।

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