Tim Cook ने Apple CEO के पद से 15 साल बाद रिटायरमेंट लिया। 11 साल की उम्र में अखबार बांटकर काम शुरू करने वाले Cook ने पेपर मिल से लेकर IBM और Compaq तक काम किया और बाद में Apple की सप्लाई चेन को मजबूत किया।
नई दिल्ली: Apple CEO के तौर पर Tim Cook का 15 साल लंबा कार्यकाल अब खत्म हो गया है। लेकिन उनकी जिंदगी की एक आदत आज भी उनके शुरुआती संघर्ष की याद दिलाती है। 11 साल की उम्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए अखबार बांटने वाले Cook सुबह करीब 3 बजे उठते थे। CEO बनने के बाद भी उनकी दिनचर्या में सुबह जल्दी उठने की यह आदत बनी रही।
11 साल की उम्र में शुरू किया अखबार बांटने का काम
Tim Cook का जन्म वर्ष 1960 में अलबामा में हुआ था। साल 1971 में उनका परिवार अलबामा में ही दूसरी जगह शिफ्ट हुआ। इसी दौर में महज 11 साल की उम्र में Cook ने पैसे कमाने और खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम शुरू किया।
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वह स्थानीय अखबार ‘प्रेस-रजिस्टर’ को घर-घर पहुंचाते थे। अखबार बांटने के लिए उन्हें सुबह करीब 3 बजे उठना पड़ता था। एक पुराने इंटरव्यू में Cook ने बताया था कि वह साइकिल से अखबार पहुंचाते थे, क्योंकि उनके इलाके में घर एक-दूसरे से काफी दूर थे।
बचपन में काम करने की यह आदत आगे चलकर उनकी पहचान का हिस्सा बन गई। Apple CEO के तौर पर भी Cook सुबह बहुत जल्दी उठते थे और दिन की शुरुआत ईमेल और लोगों के संदेश पढ़ने से करते थे।
फास्ट फूड रेस्टोरेंट से पेपर मिल तक काम का अनुभव
अखबार बांटने के अलावा Cook ने 14 साल की उम्र में एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट में भी काम किया था। इसके बाद उन्होंने एक पेपर मिल में नौकरी की। इन शुरुआती नौकरियों ने उन्हें सिर्फ काम का अनुभव नहीं दिया, बल्कि उत्पादन और संचालन की व्यावहारिक समझ भी विकसित की।
बाद में Cook ने Auburn University से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका करियर टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस की दुनिया की ओर बढ़ा। उन्होंने IBM और Compaq जैसी बड़ी कंपनियों में काम किया और वहां से हासिल अनुभव आगे Apple में उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ।
पेपर मिल के अनुभव ने Apple में दिलाई मदद
Tim Cook की सबसे बड़ी ताकतों में उनकी ऑपरेशंस और सप्लाई चेन की समझ को माना जाता है। पेपर मिल और एल्युमीनियम प्लांट में काम करने के दौरान उन्हें उत्पादन, सप्लाई और संचालन से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों का अनुभव मिला।
साल 1998 में Cook ने Apple जॉइन किया। उस समय कंपनी कई तरह की कारोबारी और ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही थी। Cook ने अपने पुराने अनुभव का इस्तेमाल कंपनी की सप्लाई चेन और ऑपरेशंस को व्यवस्थित करने में किया।
समय के साथ वह Apple के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे और अगस्त 2011 में कंपनी के CEO की जिम्मेदारी संभाली। करीब 15 वर्षों तक इस पद पर रहने के बाद अब उन्होंने CEO की भूमिका से रिटायरमेंट लिया है।
कर्मचारियों को आखिरी पत्र में कही दिल की बात
CEO पद छोड़ने से पहले Tim Cook ने Apple कर्मचारियों के नाम एक पत्र लिखा। उन्होंने इसमें कंपनी के साथ अपने लंबे सफर और कर्मचारियों के योगदान को याद किया। Cook ने कहा कि Apple और उसके पीछे काम करने वाली टीम से उन्हें बेहद प्यार है और वह कर्मचारियों के समर्पण के लिए आभारी हैं।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि उनकी सफलता के बारे में जो कुछ कहा जाता है, वह टीम की वजह से है। उनके मुताबिक, Apple में उन्हें असाधारण प्रतिभा वाली टीम के साथ काम करने का मौका मिला और हर दिन उन्हें इसका नया उदाहरण देखने को मिला।
Cook ने Apple की संस्कृति को भी अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि कंपनी की संस्कृति किसी भी दूसरी चीज से अधिक महत्वपूर्ण है और Apple इस विश्वास के साथ काम करता है कि उसके बनाए उत्पाद मायने रखते हैं और दुनिया को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी कंपनी की है।
John Ternus को सौंपी गई कमान
Tim Cook ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर John Ternus को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने Ternus को प्रतिभाशाली और सक्षम व्यक्ति बताते हुए कहा कि दुनिया बदलने वाले उत्पाद बनाने की समझ बहुत कम लोगों के पास उनसे बेहतर है।
Cook ने स्पष्ट किया कि वह Apple से पूरी तरह दूर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कंपनी के साथ अपनी नई भूमिका में जुड़े रहेंगे, हालांकि उस पद से हट रहे हैं जिसे उन्होंने बेहद पसंद किया।
एक ऐसे व्यक्ति के लिए, जिसने 11 साल की उम्र में सुबह 3 बजे उठकर साइकिल से अखबार बांटना शुरू किया था, Apple के CEO पद तक पहुंचने की कहानी सिर्फ कॉरपोरेट सफलता की कहानी नहीं है। यह लगातार मेहनत, अनुशासन और शुरुआती जीवन के अनुभवों को अपनी ताकत में बदलने की कहानी भी है।









