तमिलनाडु विधानसभा 2026: एनडीए ने सीट बंटवारा किया तय, बीजेपी-पीएमके-AMMK के लिए हिस्सेदारी फाइनल

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एनडीए ने सीटों का फॉर्मूला फाइनल किया। बीजेपी, PMK और AMMK को मिली हिस्सेदारी, गठबंधन तैयार, DMK को चुनौती।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए एनडीए ने अपने घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा तय कर दिया है। बीजेपी को 27, PMK को 18 और AMMK को 11 सीटें दी गई हैं। गठबंधन सत्तारूढ़ DMK को चुनौती देगा।

Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर एनडीए ने अपने घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा अंतिम रूप दे दिया है। यह फैसला सोमवार को चेन्नई स्थित एआईएडीएमके मुख्यालय में हुई एक अहम बैठक में लिया गया। बैठक में एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री के पलानीसामी के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे। इस बैठक में पीएमके और एएमएमके के शीर्ष नेताओं ने भी भाग लिया।

एनडीए ने इस सीट बंटवारे के जरिए अपने गठबंधन को मजबूत करने और सत्तारूढ़ गठबंधन को कड़ी टक्कर देने की रणनीति बनाई है। नेताओं का मानना है कि इस फॉर्मूले से एनडीए को राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल करने में मदद मिलेगी।

बीजेपी को मिली 27 सीटें

बैठक में तय हुआ कि राज्य की कुल 234 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 27 सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। वहीं, पीएमके को 18 सीटें दी गई हैं और एएमएमके को 11 सीटें मिलेंगी। इस तरह एनडीए का गठबंधन तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर चुनावी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।

बैठक में एआईएडीएमके नेता के पलानीसामी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रान, पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास और एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन मौजूद रहे। नेताओं ने सीट बंटवारे की प्रक्रिया को पारदर्शी और सहयोगी ढंग से पूरा किया ताकि गठबंधन मजबूत बन सके।

सत्तारूढ़ गठबंधन को मात देने की रणनीति

एनडीए नेताओं ने इस चुनाव को सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनौती देने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। एआईएडीएमके ने अपने प्रमुख सहयोगियों को साधने की कोशिश की है ताकि चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया जा सके। बीजेपी नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने कहा कि गठबंधन बहुत मजबूत है और उनका भरोसा है कि चुनाव जीतकर सत्ता में आएंगे।

एनडीए का फोकस न केवल सीटों के बंटवारे पर है, बल्कि गठबंधन की सघन तैयारी और रणनीति को लेकर भी है। सभी घटक दलों ने चुनाव प्रचार, स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए समन्वित अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास का आक्रामक रुख

PMK अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और इसका समाधान जरूरी है। रामदास ने भरोसा जताया कि एनडीए 234 में से 200 से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में आएगा।

उन्होंने सीधे तौर पर DMK सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में DMK ने तमिलनाडु के लिए कुछ विशेष उपलब्धि हासिल नहीं की। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार, वसूली और कमीशन के मामले बढ़े हैं और जनता अब बदलाव चाहती है। रामदास ने कहा कि DMK ने जनता को पहले ही मौका दिया और अब लोग उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार हैं।

चुनावी रणनीति और गठबंधन की ताकत

एनडीए का लक्ष्य तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन को कड़ी चुनौती देना है। सीटों के बंटवारे से यह स्पष्ट होता है कि गठबंधन अपने सहयोगियों को संतुष्ट रखकर चुनावी मोर्चा मजबूत कर रहा है। AIADMK, बीजेपी, पीएमके और एएमएमके के नेताओं ने मिलकर चुनावी रणनीति बनाई है, जिसमें स्थानीय मुद्दों पर जोर, मतदाताओं के बीच पहुंच और प्रचार अभियान को प्रभावी बनाने की तैयारी शामिल है।

एनडीए का यह गठबंधन उन मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा है, जो पिछले पांच वर्षों में सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं। सभी घटक दलों ने चुनावी मैदान में एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया है।

23 अप्रैल को मतदान

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को 234 सीटों पर होगा। चुनाव से पहले एनडीए ने अपने गठबंधन की ताकत को दिखाने के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय किया है। नेताओं का मानना है कि यह फॉर्मूला गठबंधन को चुनावी सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

बीजेपी, पीएमके और एएमएमके को दिए गए हिस्से के साथ, AIADMK ने अपने गठबंधन को सघन और मजबूत बनाया है। एनडीए का ध्यान जनता के बीच अपनी रणनीति और संदेश को पहुंचाने पर है, ताकि मतदाता उन्हें सत्ता में लाने के लिए तैयार हों।

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