टूर डी फ्रांस फेम्स 2026 के पांचवें चरण में नीदरलैंड की डेमी वोलरिंग ने दमदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। हालांकि स्विट्जरलैंड की मार्लेन रॉयसर ने कुल बढ़त बनाए रखते हुए येलो जर्सी अपने नाम बरकरार रखी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: महिला साइक्लिंग की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक टूर डी फ्रांस फेम्स 2026 का पांचवां चरण रोमांच, रणनीति और दमदार प्रदर्शन से भरपूर रहा। नीदरलैंड की स्टार साइकिलिस्ट डेमी वोलरिंग ने अंतिम स्प्रिंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए चरण अपने नाम किया। हालांकि, स्विट्जरलैंड की मार्लेन रॉयसर ने समग्र बढ़त (General Classification) बनाए रखते हुए प्रतिष्ठित येलो जर्सी पर अपना कब्जा कायम रखा।
फ्रांस के मैकॉन (Mâcon) से बेलेविल-एन-बोजोले (Belleville-en-Beaujolais) तक आयोजित लगभग 140 किलोमीटर लंबे इस चरण ने प्रतियोगिता को और अधिक रोमांचक बना दिया। कठिन चढ़ाइयों और तेज स्प्रिंट के बीच शीर्ष तीन साइकिलिस्टों ने शानदार संघर्ष प्रस्तुत किया।
अंतिम स्प्रिंट में वोलरिंग की शानदार जीत
एफडीजे यूनाइटेड-सुएज़ (FDJ United-Suez) टीम की डेमी वोलरिंग ने अंतिम मीटरों में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए मार्लेन रॉयसर को बेहद मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया। अंतिम क्षणों में पोलैंड की काशिया निवियाडोमा ने पहले स्प्रिंट शुरू किया, लेकिन वोलरिंग ने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर गति बढ़ाकर जीत दर्ज की। रॉयसर दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि निवियाडोमा तीसरे स्थान पर फिनिश लाइन पार करने में सफल रहीं। वोलरिंग ने जीत के बाद कहा कि यह सफलता पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उनके अनुसार टीम के प्रत्येक सदस्य ने पूरे चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे यह जीत उनके लिए और भी खास बन गई।
कठिन चढ़ाई ने तय किया मुकाबले का रुख
पांचवें चरण का निर्णायक मोड़ मोंट ब्रूयी (Mont Brouilly) की श्रेणी-दो (Category 2) चढ़ाई साबित हुई। इस चढ़ाई में कुछ हिस्सों का ढलान 14 प्रतिशत तक था, जिसने प्रतियोगियों की सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा ली। अंतिम लगभग 10 किलोमीटर में वोलरिंग, रॉयसर और निवियाडोमा बाकी समूह से अलग हो गईं और इन्हीं तीन खिलाड़ियों के बीच चरण जीत का फैसला हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चढ़ाई इस संस्करण के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक रही।
येलो जर्सी पर रॉयसर की पकड़ कायम
हालांकि चरण जीत वोलरिंग के नाम रही, लेकिन समग्र रैंकिंग में मार्लेन रॉयसर अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहीं। समय परीक्षण (Time Trial) में मिली बढ़त के कारण रॉयसर अब भी कुल समय में शीर्ष स्थान पर हैं। वोलरिंग उनसे केवल 12 सेकंड पीछे हैं, जबकि तीसरे स्थान पर मौजूद काशिया निवियाडोमा उनसे एक मिनट पांच सेकंड पीछे चल रही हैं। इस तरह समग्र खिताब की दौड़ अब तीन प्रमुख साइकिलिस्टों के बीच बेहद रोमांचक होती जा रही है।
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खिताब की दौड़ में तीन मजबूत दावेदार
अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस बार का टूर डी फ्रांस फेम्स मुख्य रूप से तीन खिलाड़ियों—मार्लेन रॉयसर, डेमी वोलरिंग और काशिया निवियाडोमा—के बीच सिमटता दिखाई दे रहा है। डेमी वोलरिंग इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं और अब तक 11 जीत दर्ज कर चुकी हैं। मार्लेन रॉयसर ने इस वर्ष लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है और वे समग्र बढ़त बनाए रखने में सफल रही हैं। वहीं काशिया निवियाडोमा पर्वतीय चरणों में मजबूत मानी जाती हैं और आने वाले कठिन मार्गों पर वे खिताब की दौड़ में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
मोंट वेंटूक्स चरण पर टिकी नजर
प्रतियोगिता का अगला सबसे बड़ा आकर्षण प्रसिद्ध मोंट वेंटूक्स (Mont Ventoux) की कठिन चढ़ाई है। साइक्लिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यह पर्वतीय चरण समग्र विजेता तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यहां चढ़ाई की कठिनाई और मौसम दोनों खिलाड़ियों की परीक्षा लेंगे। यदि वोलरिंग या निवियाडोमा यहां समय का बड़ा अंतर बना लेती हैं, तो येलो जर्सी की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
मौजूदा चैंपियन को बड़ा झटका
गत विजेता और फ्रांस की स्टार साइकिलिस्ट पॉलीन फेरां-प्रेवो के लिए पांचवां चरण बेहद निराशाजनक रहा। वे अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों से ढाई मिनट से अधिक पीछे रह गईं। इससे पहले टाइम ट्रायल में भी उन्हें दो मिनट से ज्यादा का नुकसान हुआ था। अब वे समग्र रैंकिंग में लगभग पांच मिनट पीछे पहुंच चुकी हैं और शीर्ष स्थान की दौड़ से लगभग बाहर मानी जा रही हैं।
अनुभवी एना वान डेर ब्रेगन भी पिछड़ीं
एक अन्य अनुभवी डच साइकिलिस्ट एना वान डेर ब्रेगन भी इस चरण में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकीं। वे भी दो मिनट से अधिक का समय गंवा बैठीं और समग्र रैंकिंग में चार मिनट से अधिक पीछे चली गईं। इससे उनके लिए भी येलो जर्सी जीतने की संभावना काफी कम हो गई है।
आगे क्या?
टूर डी फ्रांस फेम्स 2026 अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। समग्र बढ़त में मार्लेन रॉयसर और डेमी वोलरिंग के बीच केवल कुछ सेकंड का अंतर है, जबकि काशिया निवियाडोमा भी मजबूत चुनौती पेश कर रही हैं। आने वाले पर्वतीय चरण, विशेष रूप से मोंट वेंटूक्स, यह तय कर सकते हैं कि इस वर्ष प्रतिष्ठित येलो जर्सी आखिर किस साइकिलिस्ट के नाम होगी। दुनिया भर के साइक्लिंग प्रशंसकों की नजर अब प्रतियोगिता के अगले चरणों पर टिकी हुई है।











