गउत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अप्रैल में 2500 से ज्यादा मामलों में 2.91 लाख रुपए जुर्माना वसूला। रेलवे ने यात्रियों से स्वच्छता नियमों का पालन कर सफर सुखद बनाने की अपील की।
जोधपुर: भारत में गर्मी की छुट्टियों के दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती भीड़ के बीच उत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। रेलवे प्रशासन ने अप्रैल महीने में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने के ढाई हजार से अधिक मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब 2.91 लाख रुपए का जुर्माना वसूला है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ साफ-सफाई बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना केवल रेलवे की नहीं, बल्कि हर यात्री की साझा जिम्मेदारी है।
रेलवे ने यात्रियों से की स्वच्छता बनाए रखने की अपील
उत्तर पश्चिम रेलवे के अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम ने कहा कि रेलवे प्रशासन की ओर से ट्रेनों और स्टेशनों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों का सहयोग बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि यात्री नियमों का पालन करें और कचरा निर्धारित स्थान पर डालें, तो ट्रेनों और प्लेटफॉर्म को स्वच्छ बनाए रखना काफी आसान हो सकता है। रेलवे का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
अप्रैल में ढाई हजार से ज्यादा मामलों में कार्रवाई
रेलवे प्रशासन के अनुसार अप्रैल महीने में ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलाने के 2,500 से अधिक मामले सामने आए। इन मामलों में यात्रियों पर कार्रवाई करते हुए कुल 2.91 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी खाने-पीने का कचरा प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में फेंक देते हैं। कुछ यात्री प्लास्टिक बोतलें, पैकेजिंग सामग्री और अन्य कचरा खुले में छोड़ देते हैं, जिससे स्टेशन परिसर और कोचों की साफ-सफाई प्रभावित होती है।
रेलवे ने साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
100 से 500 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान
रेलवे नियमों के अनुसार ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलाने वालों पर 100 से 500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे स्टाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कई स्टेशनों और ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा यात्रियों को जागरूक करने के लिए घोषणाएं और सूचना बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।

सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही निगरानी
रेलवे प्रशासन ने स्वच्छता नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा प्रमुख स्टेशनों और प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार कैमरों के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। इससे न केवल गंदगी फैलाने की घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिल रही है, बल्कि यात्रियों में भी जिम्मेदारी की भावना बढ़ रही है।
रेलवे का मानना है कि तकनीक की मदद से स्वच्छता नियमों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
स्वच्छ रेलवे मिशन पर विशेष जोर
भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान दे रहा है। रेलवे स्टेशनों को साफ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए कई नई पहल शुरू की गई हैं। इनमें आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली, बायो-टॉयलेट, मैकेनाइज्ड क्लीनिंग और प्लास्टिक उपयोग कम करने जैसे कदम शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन तंत्रों में से एक है, जहां हर दिन लाखों लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि सार्वजनिक भागीदारी का विषय भी है।
गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों के दौरान जब यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, तब साफ-सफाई बनाए रखना और भी कठिन हो जाता है।
यात्रियों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से कुछ जरूरी नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि यात्रा सभी के लिए आरामदायक और सुरक्षित बनी रहे।
कचरा डस्टबिन में डालें
यात्रियों से कहा गया है कि वे खाने-पीने की वस्तुओं के रैपर, बोतलें और अन्य कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। ट्रेन के फर्श या प्लेटफॉर्म पर कचरा फेंकने से बचें।
धूम्रपान और गंदगी से बचें
रेलवे ने यात्रियों को धूम्रपान और थूकने जैसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। इससे न केवल सफाई प्रभावित होती है, बल्कि अन्य यात्रियों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।
सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करें
अधिकारियों ने यात्रियों से रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की अपील की है। रेलवे का कहना है कि स्वच्छ वातावरण सभी यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाता है।
स्वच्छता से जुड़ा है यात्रियों का स्वास्थ्य
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में साफ-सफाई बनाए रखना केवल सौंदर्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी सीधे जुड़ा हुआ है। गंदगी और कचरे के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में।
स्वच्छ कोच और प्लेटफॉर्म यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ संक्रमण के जोखिम को भी कम करते हैं। यही वजह है कि रेलवे अब सफाई नियमों के पालन को लेकर पहले से अधिक सख्त नजर आ रहा है।
यात्रियों के सहयोग से ही सफल होगा अभियान
रेलवे प्रशासन का कहना है कि केवल जुर्माने और निगरानी से समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो सकता। स्वच्छता अभियान तभी सफल होगा जब यात्री भी अपनी जिम्मेदारी समझें और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सक्रिय सहयोग करें।
अधिकारियों ने कहा कि यदि हर यात्री छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखे, तो रेलवे स्टेशन और ट्रेनें अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकती हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन कर अपने साथ-साथ दूसरों की यात्रा को भी सुखद बनाएं।








