उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। लखनऊ में आंबेडकर जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख Akhilesh Yadav और अंजलि मैसी से जुड़ा एक मामला अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है।
लखनऊ: Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow में Ambedkar Jayanti के दिन हुई एक घटना अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अंजलि मैसी द्वारा Akhilesh Yadav को पूड़ी खिलाने की घटना के बाद उनके पिता के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई हुई, जिसमें उन्हें सुपरवाइजर पद से डिमोशन किए जाने की बात सामने आई है।
इस पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई है। अखिलेश यादव ने कहा कि उनका इस परिवार से कोई व्यक्तिगत परिचय नहीं था और उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
क्या है पूरा मामला?
14 अप्रैल को लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अंजलि मैसी ने अखिलेश यादव को पूड़ी खिलाई थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। अब इसी घटना के बाद अंजलि मैसी के पिता को कथित तौर पर सुपरवाइजर पद से डिमोशन किए जाने का मामला सामने आया है। इसी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
Akhilesh Yadav ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उनका इस परिवार से कोई व्यक्तिगत परिचय नहीं था और यह पूरी घटना अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि एक सामान्य कार्यक्रम की घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों से इस मामले में बात करेंगे।

अंजलि मैसी का बयान
इस पूरे मामले पर अंजलि मैसी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी नौकरी या व्यक्तिगत लाभ से जुड़ा नहीं था। उनका कहना था कि वे सिर्फ यह दिखाना चाहती थीं कि राजनीतिक स्तर पर क्या चल रहा है और किसी भी प्रकार की नौकरी से जुड़ी कोई मांग उनकी तरफ से नहीं थी। उन्होंने भावुक होकर कहा:
'आपके ऊपर ऐसी 100 नौकरियां कुर्बान…'
यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। Bharatiya Janata Party पर आरोप है कि वह विपक्ष से जुड़े लोगों को परेशान कर रही है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाया और लिखा कि यह एक महिला और उसके परिवार के साथ अन्याय है, जो केवल एक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने के कारण हुआ।










