रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस टेकऑफ के 23 मिनट बाद एटीसी से संपर्क खो बैठी और चतरा जिले में क्रैश हो गई। खराब मौसम की आशंका जताई जा रही है। हादसे में मरीज समेत सभी सात लोगों की मौत हुई।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले में क्रैश हो गई। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक टेकऑफ के केवल 23 मिनट बाद ही विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था।
रेड बर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड की बीचक्राफ्ट सी 90 एयर एंबुलेंस ने शाम 7.11 बजे Birsa Munda Airport से उड़ान भरी थी। इसे रात 8.30 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही यह रडार से गायब हो गया।
डायवर्जन की रिक्वेस्ट
सूत्रों के अनुसार टेकऑफ के तुरंत बाद विमान ने खराब मौसम के कारण डायवर्जन की रिक्वेस्ट की थी। हालांकि उड़ान शुरू होने के आधे घंटे से भी कम समय में एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क पूरी तरह टूट गया।
रांची एयरपोर्ट के निदेशक बिनोद कुमार ने बताया कि शाम 7.34 बजे एटीसी से विमान का संपर्क टूटते ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अनुसार विमान उनके एयरस्पेस में प्रवेश के बाद संपर्क में नहीं आया।
करीब 8.05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर सक्रिय किया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कुछ ही देर बाद चतरा और सिमरिया सीमा क्षेत्र में विमान के क्रैश होने की सूचना मिली।
जंगल में मिला मलबा
स्थानीय लोगों ने चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के करमाटांड़ गांव के पास जंगल में विमान का मलबा देखा और प्रशासन को सूचना दी। पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक सभी यात्रियों की मौत हो चुकी थी।

डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री जी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि हादसा संभवतः तूफान या खराब मौसम की वजह से हुआ। हालांकि आधिकारिक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मरीज को बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था
विमान में 41 वर्षीय संजय कुमार सवार थे, जो लातेहार जिले के सरोजनगर चंदवा के निवासी थे। वह पलामू के सतबरवा में होटल चलाते थे और कुछ दिन पहले अपने होटल में आग से झुलस गए थे। 16 फरवरी से उनका इलाज रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था।
सोमवार शाम उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया था। उनके साथ उनकी पत्नी अर्चना देवी और साले ध्रुव कुमार भी विमान में सवार थे।
पायलट और मेडिकल टीम भी शिकार
एयर एंबुलेंस में पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत, सहायक पायलट कैप्टन स्वराज दीप सिंह, डॉ. विकास कुमार गुप्ता और पारा मेडिकल स्टाफ सचिन कुमार गुप्ता भी मौजूद थे। डॉ. विकास कुमार रांची सदर अस्पताल में चिकित्सक थे।
एक महीने में दूसरा बड़ा विमान हादसा
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब देश में हाल के महीनों में कई बड़े विमान हादसे सामने आ चुके हैं। 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बरामती एयरपोर्ट पर एक विमान दुर्घटना में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
इसके अलावा 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। उस हादसे में 242 लोगों में से 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान चली गई थी। जमीन पर भी कई लोग इसकी चपेट में आए थे।










