उदयपुर दौरे पर BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का बड़ा बयान, AI वीडियो और मीडिया ट्रायल पर उठाए सवाल

Madan Rathore ने उदयपुर दौरे में कहा कि AI से उदयपुर फाइल्स जैसा वीडियो बनाया जा सकता है। उन्होंने मीडिया ट्रायल और भाजपा गुटबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी।

Madan Rathore ने उदयपुर दौरे के दौरान कहा कि AI तकनीक से उदयपुर फाइल्स जैसा वीडियो तैयार किया जा सकता है। उन्होंने मीडिया ट्रायल पर नाराजगी जताई और भाजपा की गुटबाजी को लेकर कहा कि मामले का संज्ञान लिया गया है।

उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर दौरे पर पहुंचे मदन राठौड़ ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कई राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने उदयपुर शहर भाजपा में कथित गुटबाजी, NEET पेपर लीक विवाद, सोने की खरीदारी पर प्रधानमंत्री की अपील और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए।

पत्रकारों द्वारा भाजपा के स्थानीय नेताओं के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप और गुटबाजी पर सवाल पूछे जाने पर राठौड़ ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होगी।

उन्होंने कहा, “भाजपा एक परिवार की तरह है। परिवार के भीतर बातचीत करके मुद्दों को सुलझाया जाता है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राजस्थान भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं के बीच मतभेदों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

AI तकनीक से वीडियो तैयार होने की आशंका जताई

मीडिया से बातचीत के दौरान मदन राठौड़ ने सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और तथाकथित “मीडिया ट्रायल” पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि किसी भी व्यक्ति या घटना से जुड़ा वीडियो तैयार किया जा सकता है।

उन्होंने दावा किया कि “उदयपुर फाइल्स” जैसे वीडियो भी AI तकनीक की मदद से बनाए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी विशेष वीडियो या प्लेटफॉर्म का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली सामग्री की ओर माना जा रहा है।

राठौड़ ने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी व्यक्ति या संगठन को दोषी ठहराना उचित नहीं है और मीडिया ट्रायल से बचना चाहिए।

NEET पेपर लीक को राजस्थान से जोड़ने से किया इनकार

NEET परीक्षा पेपर लीक मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने राजस्थान को इस विवाद से जोड़ने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में राजस्थान में 17 पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ, जबकि वर्तमान सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए काम कर रही है।

प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर दिया स्पष्टीकरण

पत्रकार वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल में दिए गए ऊर्जा बचत और सीमित उपभोग संबंधी संदेश पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से सर्राफा व्यापारियों की नाराजगी के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसी भी प्रकार की खरीदारी पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही है।

उन्होंने कहा कि “शादी-ब्याह होंगे तो जेवर भी बनेंगे, लेकिन केवल संग्रह करने के उद्देश्य से अत्यधिक खरीदारी से बचना चाहिए।” राठौड़ ने प्रधानमंत्री के संदेश को “घर के मुखिया की सलाह” बताते हुए कहा कि यह देशहित में ऊर्जा और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील है।

भाजपा संगठन में अनुशासन पर जोर

मदन राठौड़ ने अपने उदयपुर दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों और पार्टी गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व में विश्वास रखता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आपसी विवादों से बचना चाहिए। भाजपा राज्य नेतृत्व आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर संवाद और समन्वय बढ़ाएगा।

डिजिटल युग में फेक कंटेंट बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित वीडियो और डीपफेक तकनीक आज राजनीतिक और सामाजिक संवाद के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कई देशों में चुनावों और सार्वजनिक विमर्श के दौरान फर्जी वीडियो और भ्रामक कंटेंट को लेकर चिंता बढ़ी है।

मदन राठौड़ का बयान इसी व्यापक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां राजनीतिक दल और सरकारें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली गलत सूचनाओं के प्रभाव को लेकर सतर्क हैं।

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