संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जोरदार आवाज़ उठाई है। भारत के स्थायी राजदूत परवतनेनी हरीश ने पाकिस्तान की ओर परोक्ष तौर पर इशारा करते हुए कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद और अवैध हथियार तस्करी का शिकार रहा है।
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के लद्दाख और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ते खतरे को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान पर फिर हमला बोला। भारत के स्थायी राजदूत परवतनेनी हरीश ने कहा कि सीमा पार से हथियारों और वित्तीय सपोर्ट के बिना आतंकवाद की यह श्रृंखला संभव नहीं होती। उन्होंने आतंकवादी गुटों को हथियार पहुंचाने वाले देशों और संगठनों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की अपील की।
भारत का यह बयान विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बढ़ती आतंकी घटनाओं और हाल ही में लखनऊ और दिल्ली जैसे शहरों में हुए हमलों के संदर्भ में आया है।
भारत का कड़ा रुख: सीमा पार से हथियारों की आपूर्ति रोकना जरूरी
राजदूत हरीश ने UNSC में कहा भारत दशकों से आतंकवाद की मार झेल रहा है। सीमा पार से आने वाले अवैध हथियार और अब ड्रोन का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। आतंकवादी गुटों को हथियार पहुंचाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि छोटे हथियार और गोला-बारूद की तस्करी आतंकवाद को जीवित रखती है।
हरीश ने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि कोई देश या संगठन इन गुटों को पैसा, समर्थन या मदद दे रहा है, और सुरक्षा परिषद को इसके खिलाफ सख्त कदम उठाना होगा।

हथियार एम्बार्गो का सही इस्तेमाल आवश्यक
भारत ने कहा कि UNSC द्वारा लगाए गए हथियार एम्बार्गो संघर्ष क्षेत्रों में हथियारों की सप्लाई रोकने का सबसे प्रभावी तरीका हैं। इनका निष्पक्ष और लगातार पालन अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए जरूरी है। हरीश ने कहा कि छोटे हथियारों की तस्करी और उनके गायब होने की घटनाएं वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग, सीमा और कस्टम्स में तालमेल, खुफिया जानकारी साझा करने और नेटवर्क तोड़ने की अपील की। UN के प्रोग्राम ऑफ एक्शन (PoA) और इंटरनेशनल ट्रेसिंग इंस्ट्रूमेंट (ITI) को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय कानून, निर्यात नियंत्रण और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
हरीश ने कहा, भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि आतंकी गुटों तक छोटे हथियार पहुंचने से रोके। हम वैश्विक आतंकवाद विरोधी लड़ाई में लगातार योगदान देते रहेंगे। हथियारों की तस्करी और स्थानीय स्तर पर बनाए जाने वाले हथियार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेसिंग को कठिन बना रहे हैं। हरीश ने UN महासचिव की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि कमजोर गोदाम, सीमा पर ढील और तस्करी नेटवर्क आतंकियों तक हथियार पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।











