यूपी की 755 ग्राम पंचायतों को मिलेगा ग्राम सौर योजना का लाभ, आय मानक में होगी छूट

यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना में आय मानक में छूट देने का फैसला किया है। इससे 755 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को सौर ऊर्जा लाइट का लाभ मिलेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना का दायरा बढ़ाने के लिए आय मानक में छूट देने का फैसला किया है। इससे 755 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को सौर ऊर्जा लाइट लगाने के लिए योजना का लाभ मिल सकेगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत अधिक ग्राम पंचायतों को लाभ पहुंचाने के लिए निर्धारित आय मानक में छूट देने का फैसला किया है। योजना में इस वित्तीय वर्ष 1,500 ग्राम पंचायतों को शामिल करने का लक्ष्य है, लेकिन मौजूदा मानक केवल 745 पंचायतें ही पूरा कर पा रही थीं। अब 755 पंचायतों को भी योजना के दायरे में लाने की तैयारी है।

755 ग्राम पंचायतों के लिए आय मानक में छूट

उत्तर प्रदेश सरकार गांवों की गलियों और सड़कों को सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत पंचायतों का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। योजना के मौजूदा नियमों के कारण बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतें इसका लाभ नहीं ले पा रही थीं। अब सरकार ने निर्धारित आय मानक में छूट देने का फैसला किया है, जिससे 755 और ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया जा सकेगा।

इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने प्रदेश की 1,500 ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना का लाभ देने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत चयनित ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा आधारित लाइटें लगाने के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों और रास्तों पर रोशनी की सुविधा बढ़ाने के साथ सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है।

25 हजार रुपये की आय का था मानक

मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत अब तक उन ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी जा रही थी, जिनकी सालाना आय कम से कम 25 हजार रुपये है। इस मानक के आधार पर प्रदेश की कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में से केवल 745 पंचायतें ही इस साल योजना के निर्धारित मानकों को पूरा कर पा रही थीं।

सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए प्रत्येक जिले से 20 ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस हिसाब से प्रदेश की 1,500 ग्राम पंचायतों को योजना का लाभ दिया जाना है। लेकिन आय से जुड़ी पात्रता के कारण तय लक्ष्य के मुकाबले पंचायतों की संख्या कम पड़ रही थी।

इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने आय मानक में बदलाव का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि नियमों में आवश्यक छूट देने से उन पंचायतों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा, जो ग्रामीण क्षेत्र में जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं की जरूरत तो रखती हैं, लेकिन निर्धारित आय सीमा पूरी नहीं कर पा रही थीं।

हर ग्राम पंचायत को मिलेंगे पांच लाख रुपये

मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत पात्र ग्राम पंचायतों को सौर ऊर्जा लाइट लगाने के लिए सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की सहायता दी जानी है। इस राशि का इस्तेमाल गांव की गलियों, सड़कों और अन्य जरूरी स्थानों पर सौर रोशनी की व्यवस्था करने में किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था बेहतर करना नहीं है, बल्कि पारंपरिक बिजली पर निर्भरता को कम करना और Renewable Energy को बढ़ावा देना भी है। सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की खपत को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

मंत्री ने दिए मानक शिथिल करने के निर्देश

विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उन 755 ग्राम पंचायतों को योजना का लाभ देने के लिए 25 हजार रुपये की न्यूनतम आय के मानक को शिथिल करने के निर्देश दिए हैं। इससे मौजूदा पात्रता से बाहर रह गई पंचायतों को योजना में शामिल करने का रास्ता साफ हो सकता है।

सरकार का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित 1,500 ग्राम पंचायतों को योजना का लाभ देना है। आय मानक में छूट के बाद बाकी पंचायतों को भी इसमें शामिल किए जाने की संभावना बढ़ गई है। इससे ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटिंग का विस्तार किया जा सकेगा और अधिक गांवों को योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

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