विश्व युवा कौशल दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में स्किल-इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की घोषणा की। इन केंद्रों पर युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी जिलों में स्किल-इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे, जहां उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर जिले में विकसित होंगे स्किल-इंडस्ट्रियल जोन
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्किल-इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। इन जोनों का संचालन एमएसएमई, कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा तथा श्रम एवं सेवायोजन विभाग के समन्वय से किया जाएगा।
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सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें आसानी से रोजगार मिल सके।
उद्योगों की मांग के अनुसार मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते औद्योगिक परिवेश को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी आधुनिक बनाया जाएगा। युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई तकनीकों और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे।
विदेशों में बढ़ती रोजगार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जापानी सहित विदेशी भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा। इससे युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रोजगार के साथ स्वरोजगार पर भी रहेगा फोकस
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। उन्होंने बताया कि रोजगार मेलों, कैंपस प्लेसमेंट और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद बिना किसी सिफारिश के 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही, सवा तीन करोड़ से अधिक युवा और कारीगर स्वरोजगार एवं विभिन्न उद्यमों से जुड़े हुए हैं।
पारंपरिक उद्योगों और रक्षा क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को भी नई पहचान मिल रही है। मुरादाबाद का पीतल उद्योग, फिरोजाबाद का कांच उद्योग, भदोही की कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पादों को सरकार लगातार बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई का भी उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में औद्योगिक विकास और कौशल प्रशिक्षण साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से निरंतर कौशल विकास पर ध्यान देने, नई तकनीकों को अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 युवाओं को सम्मानित भी किया गया।









