27 से 31 जुलाई के बीच 49 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। इनमें UltraTech Cement ₹240 प्रति शेयर, Britannia ₹90.50 और Eicher Motors ₹82 प्रति शेयर डिविडेंड देने जा रही हैं। डिविडेंड का लाभ लेने के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर अपने डीमैट खाते में रखने होंगे।
नई दिल्ली: डिविडेंड से नियमित आय चाहने वाले निवेशकों के लिए अगला सप्ताह काफी अहम रहने वाला है। 27 जुलाई से 31 जुलाई के बीच 49 कंपनियों की रिकॉर्ड/एक्स-डिविडेंड डेट तय है। इस दौरान कई दिग्गज कंपनियां अपने शेयरधारकों को लाभांश देंगी। इनमें सबसे बड़ा आकर्षण UltraTech Cement का ₹240 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड है, जबकि Britannia, Eicher Motors, BASF India, Wipro, DLF, PFC और REC जैसी कई कंपनियां भी लाभांश वितरित करेंगी।
27 से 31 जुलाई तक रहेगा डिविडेंड का बड़ा सप्ताह

शेयर बाजार में अगले सप्ताह कॉर्पोरेट एक्शन की भरमार रहने वाली है। विभिन्न सेक्टरों की 49 कंपनियां अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय कर चुकी हैं। जिन निवेशकों के डीमैट खाते में रिकॉर्ड डेट तक संबंधित कंपनी के शेयर होंगे, वही घोषित डिविडेंड पाने के पात्र होंगे। एक्स-डिविडेंड डेट के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशकों को इस लाभांश का अधिकार नहीं मिलेगा।
UltraTech Cement दे रही सबसे बड़ा ₹240 प्रति शेयर डिविडेंड
अगले सप्ताह घोषित डिविडेंड में सबसे बड़ी राशि UltraTech Cement की है। कंपनी ने ₹240 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है, जिसकी एक्स-डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट 30 जुलाई निर्धारित है। इसके अलावा Britannia Industries ₹90.50 प्रति शेयर, Eicher Motors ₹82 प्रति शेयर, CEAT ₹35 प्रति शेयर, BASF India ₹25 प्रति शेयर तथा ADC India Communications ₹25 प्रति शेयर का डिविडेंड देने जा रही हैं।
इन बड़ी कंपनियों के शेयरधारकों को भी मिलेगा लाभ
डिविडेंड देने वाली प्रमुख कंपनियों में Wipro (₹2 प्रति शेयर), DLF (₹8), Deepak Nitrite (₹7.50), Godrej Properties (₹10), Siemens (₹18), Marico (₹4), Power Finance Corporation - PFC (₹3.95), REC (₹4.25 अंतरिम) और PNB Housing Finance (₹8) शामिल हैं। इसके अलावा कई मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां भी अपने निवेशकों को फाइनल या अंतरिम डिविडेंड का लाभ देंगी।
डिविडेंड पाने के लिए क्या रखें ध्यान?
डिविडेंड का लाभ पाने के लिए केवल घोषणा पर्याप्त नहीं होती। निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट से पहले संबंधित कंपनी के शेयर होने चाहिए, ताकि उनका नाम कंपनी के रिकॉर्ड में शेयरधारक के रूप में दर्ज हो। एक्स-डिविडेंड डेट के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशक घोषित डिविडेंड के पात्र नहीं होते।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल डिविडेंड पाने के उद्देश्य से निवेश करने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, लाभांश का इतिहास, कमाई की क्षमता और दीर्घकालिक संभावनाओं का भी मूल्यांकन करना चाहिए। डिविडेंड निवेश रणनीति का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन निवेश का निर्णय हमेशा समग्र विश्लेषण के आधार पर लेना चाहिए।












