उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने पार्टी सम्मेलन से पहले 50 एडवांस्ड रॉकेट लॉन्चर तैनात किए। AI लैस 600 मिमी सिस्टम दक्षिण कोरिया तक मारक क्षमता रखता है। इस कदम से कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका है।
World News: कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी पार्टी के एक अहम सम्मेलन से पहले 50 नए एडवांस्ड रॉकेट लॉन्चर तैनात किए हैं। इन लॉन्चरों में कम दूरी की मिसाइल क्षमता है और इन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तथा उन्नत मार्गदर्शन तकनीक से लैस बताया गया है।
पार्टी सम्मेलन से पहले शक्ति प्रदर्शन
किम जोंग उन की वर्कर्स पार्टी का अहम सम्मेलन होने वाला है। इससे पहले सैन्य ताकत का यह प्रदर्शन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों दर्शकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी मीडिया में जारी तस्वीरों में रॉकेट लॉन्चर ट्रकों की लंबी कतारें दिखाई गई हैं। ये वाहन ‘अप्रैल 25 हाउस ऑफ कल्चर’ भवन के पास खड़े नजर आए, जहां पहले भी 2016 और 2021 में पार्टी कांग्रेस आयोजित की गई थी।
600 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार ये नए वाहन 600 मिलीमीटर मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को समर्थन देते हैं। यह सिस्टम कम दूरी में भारी मारक क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी रेंज दक्षिण कोरिया के महत्वपूर्ण सैन्य और औद्योगिक ठिकानों तक पहुंच सकती है।
किम ने अपने संबोधन में इन लॉन्चरों को “अद्भुत” बताया और कहा कि इन्हें रणनीतिक मिशन के लिए तैयार किया गया है। AI और उन्नत गाइडेंस सिस्टम से लैस होने का दावा यह दर्शाता है कि उत्तर कोरिया अपनी मिसाइल तकनीक को और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

दक्षिण कोरिया पर दबाव की रणनीति
विश्लेषकों का कहना है कि यह तैनाती सीधे तौर पर दक्षिण कोरिया को संदेश देने के लिए की गई है। हाल ही में दक्षिण कोरिया के एक मंत्री ने कथित असैन्य ड्रोन के उत्तर कोरिया में प्रवेश को लेकर माफी मांगी थी। किम जोंग उन की बहन ने उस माफी को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उत्तर कोरिया “शत्रु” देश के खिलाफ अपनी सीमा सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
अमेरिका के साथ विफल कूटनीति
2019 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ परमाणु कूटनीति वार्ता विफल रहने के बाद उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ लगभग सभी वार्ता और सहयोग निलंबित कर दिए थे। इसके बाद से क्षेत्रीय संबंध लगातार बिगड़ते गए हैं।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाए हैं, जिन्हें उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इसके जवाब में प्योंगयांग ने मिसाइल परीक्षण और सैन्य आधुनिकीकरण की गति तेज कर दी है।
बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
इन 50 एडवांस्ड रॉकेट लॉन्चरों की तैनाती केवल एक सैन्य कदम नहीं, बल्कि व्यापक भू-राजनीतिक संदेश भी है। कोरियाई प्रायद्वीप में पहले से मौजूद अस्थिरता इस कदम के बाद और बढ़ सकती है।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटनाक्रम क्षेत्र में हथियारों की होड़ को और तेज कर सकता है।









