उत्तराखंड के काशीपुर में स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। शूकर फार्म में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है, हालांकि अब तक वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।
Haldwani: स्वाइन फ्लू अलर्ट के चलते कुमाऊं क्षेत्र में पशुपालन विभाग ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। काशीपुर स्थित एकमात्र शूकर फार्म में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग द्वारा शूकरों के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है, हालांकि अभी तक संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है ताकि संभावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
कुमाऊं में अलर्ट मोड पर पशुपालन विभाग
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। काशीपुर स्थित क्षेत्र के एकमात्र शूकर फार्म में एहतियात के तौर पर बाहरी लोगों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग का उद्देश्य संक्रमण के किसी भी संभावित प्रसार को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है।

फार्म में वर्तमान में कई शूकर खुले में पाले जा रहे हैं, जिनमें नर, मादा और छोटे शावक शामिल हैं। ऐसे में संक्रमण का जोखिम अधिक होने के कारण सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों ने निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ नियमित जांच प्रक्रिया को भी तेज किया है।
सैंपलिंग और जांच पर विशेष जोर
पशुपालन विभाग द्वारा संदिग्ध लक्षण दिखाई देने वाले शूकरों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। ये सैंपल भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में परीक्षण के लिए भेजे जाते हैं। यदि किसी सैंपल में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो उसे आगे उच्च सुरक्षा लैब में विस्तृत जांच के लिए भेजा जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से समय रहते संक्रमण की पहचान कर नियंत्रण संभव है। साथ ही फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वायरस का कोई भी खतरा फैलने से रोका जा सके।
अब तक संक्रमण की पुष्टि नहीं, लेकिन सावधानी जारी
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार अब तक कुमाऊं क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके, विशेषज्ञों का मानना है कि यह वायरस तेजी से फैल सकता है, खासकर उन लोगों में जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लगातार निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण के जरिए विभाग किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है।








