वाराणसी एयरपोर्ट के स्क्रीनिंग जोन में लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। घटना में दो कर्मचारी घायल हुए थे। अब हथियारों की जांच के लिए अलग आइसोलेशन रूम बनाने का फैसला हुआ है।
वाराणसी: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। हादसे में दो कर्मचारी घायल हुए थे। घटना की समीक्षा के बाद शस्त्रों की जांच के लिए अलग आइसोलेशन रूम बनाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया गया है।
गोली चलने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
वाराणसी एयरपोर्ट के स्क्रीनिंग जोन में रविवार सुबह शिवसेना नेता और मुंबई के पूर्व पार्षद कमलेश राय की लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई थी। घटना में स्क्रीनिंग से जुड़े दो कर्मचारी घायल हुए।

हादसे के बाद एयरपोर्ट की ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी एएआइ कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड एलाइड सर्विसेज के अधिकारियों ने एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता के साथ बैठक की। इसमें एयरपोर्ट की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और हथियारों की जांच के तरीके में बदलाव का फैसला लिया गया।
हथियारों की जांच के लिए बनेगा अलग आइसोलेशन रूम
नई व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट पर शस्त्रों की जांच के लिए एक अलग आइसोलेशन रूम तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य हथियार की जांच को यात्रियों और अन्य कर्मचारियों से अलग सुरक्षित स्थान पर करना है।
इसके साथ ही नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो यानी BCAS की ओर से निर्धारित सुरक्षा दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। हथियारों की जांच के दौरान सुरक्षित प्रक्रिया और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जाएगा।
लोडेड पिस्टल एयरपोर्ट तक पहुंचने पर उठे सवाल
घटना के बाद एयरपोर्ट की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। जानकारी के अनुसार कमलेश राय लोडेड पिस्टल और 22 कारतूस के साथ टर्मिनल भवन तक पहुंच गए थे। घटना के समय टर्मिनल में करीब 300 लोग मौजूद बताए गए।
मौजूदा व्यवस्था में मुख्य प्रवेश द्वार पर टिकट और पहचान पत्र की जांच होती है। वहीं बाहरी प्रवेश क्षेत्र में वाहनों की प्रभावी सुरक्षा जांच की व्यवस्था को लेकर सवाल सामने आए हैं।
पार्किंग चेकपोस्ट पर ठेकेदार के कर्मचारी वाहनों को रोककर पर्ची देते हैं, लेकिन इसके बाद टर्मिनल तक पहुंचने वाले रास्ते पर हथियार या सामान की अलग से जांच नहीं होती। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की गई है।
कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर भी रहेगा जोर
इस घटना ने एयरपोर्ट कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हथियार, चैंबर और कारतूस की स्थिति पहचानने के साथ आकस्मिक फायरिंग की स्थिति में तुरंत और सुरक्षित कार्रवाई के लिए कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना जरूरी माना जा रहा है।
हथियारों की जांच के दौरान सुरक्षित क्षेत्र, सैंडबैग और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पिस्टल की स्थिति को लेकर जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने कमलेश राय से करीब चार घंटे पूछताछ की और बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया। उन्होंने पूछताछ के दौरान पिस्टल के लोडेड नहीं होने का दावा किया था, लेकिन चैंबर में गोली मौजूद होने को लेकर सवाल बना हुआ है।
घायल स्क्रीनर रोहित और सुमन का उपचार जारी है। पुलिस ने कमलेश राय के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच के साथ एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में किए जाने वाले बदलावों को लागू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।












