वाराणसी, 25 दिसंबर 2025: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराधियों को “म्यूल बैंक खाता” खोलने और अवैध धन के लेन-देन में मदद करने के आरोप में वाराणसी से एक बैंक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है। पुलिस और जांच एजेंसी के अनुसार, चेतईपुर स्थित केनरा बैंक की सहायक प्रबंधक शालिनी सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने साइबर अपराधियों के साथ साजिश रचकर म्यूल बैंक
खाता खोले, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धन की निकासी और ट्रांसफर के लिए किया गया।
जांच में यह भी पता चला है कि साइबर अपराधियों को सहायता देने वाले नेटवर्क में कई बैंक कर्मचारी और बिचौलिये शामिल थे, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए खातों को सक्रिय रखा। एजेंसी ने बताया कि इन खातों में साइबर ठगी से जुड़े कई लेन-देन दर्ज हुए हैं।
सीबीआई ने आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्हें दिल्ली के संबंधित अदालत में पेश करने का समय निर्धारित किया है। जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
क्या हैं म्यूल बैंक खाते ?
म्यूल बैंक खाते वे खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी वित्तीय लेन-देन को छुपाने और धोखाधड़ी से प्राप्त धन को ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। ये खाते अक्सर लोगों के नाम पर खोले जाते हैं जिनको उपयोग की सही जानकारी नहीं होती है।









