Vedanta Resources: हिस्सेदारी बिक्री की अटकलों पर अनिल अग्रवाल की कंपनी ने दी सफाई; जानें क्या है आगे का प्लान

Vedanta Resources News: अनिल अग्रवाल की कंपनी ने हिस्सेदारी बिक्री की अटकलों पर सफाई दी है। कंपनी ने शेयरधारकों और निवेशकों को स्थिति स्पष्ट करते हुए

आज गुरुवार, 27 अगस्त को अनिल अग्रवाल की वेदांता का शेयर बाजार में फोकस में रह सकता है। दरअसल, वेदांता रिसोर्सेज ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमीनियम या समूह की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की अटकलें लगाई गई थीं।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 27 अगस्त को Vedanta Share Price निवेशकों के रडार पर रह सकता है। कंपनी की प्रमोटर इकाई Vedanta Resources ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमीनियम या समूह की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की संभावना जताई गई थी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसी कोई हिस्सेदारी बिक्री योजना नहीं है।

Vedanta Resources के इस स्पष्टीकरण के बाद निवेशकों का ध्यान अब कंपनी की आगे की रणनीति, कारोबार के पुनर्गठन और कर्ज घटाने की योजनाओं पर केंद्रित हो सकता है। अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाला वेदांता समूह पिछले कुछ समय से अपने कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटने की रणनीति पर काम कर रहा है।

हिस्सेदारी बेचने की फिलहाल कोई योजना नहीं

Vedanta Resources ने साफ किया है कि वह मौजूदा समय में Vedanta Limited, Vedanta Aluminium या समूह की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना नहीं बना रही है। कंपनी के मुताबिक उसका मौजूदा फोकस कारोबार में वृद्धि, वैल्यू क्रिएशन और शेयरधारकों के लिए बेहतर रिटर्न तैयार करने पर है।

हिस्सेदारी बिक्री से जुड़ी खबरों के बीच कंपनी का यह बयान निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि समूह फिलहाल अपनी दीर्घकालिक पुनर्गठन रणनीति पर आगे बढ़ना चाहता है।

‘पांच वेदांता’ बनाने की रणनीति

Vedanta Resources ने अपने दीर्घकालिक बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्लान के तहत समूह को पांच अलग-अलग कंपनियों में विभाजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य कारोबार की अलग-अलग इकाइयों को स्वतंत्र रूप से विकास करने का अवसर देना और प्रत्येक व्यवसाय की वैल्यू को बेहतर तरीके से सामने लाना है।

कंपनी का कहना है कि वह डीमर्जर के साथ-साथ कारोबार के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर पूंजीगत निवेश यानी Capex, कर्ज में कमी और शेयरधारकों को रिटर्न देने जैसे कदमों पर भी ध्यान दे रही है।

Vedanta Aluminium पर Motilal Oswal की ‘Buy’ रेटिंग

इस बीच ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Vedanta Aluminium पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए 540 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। बुधवार के कारोबार में Vedanta Aluminium का शेयर 462.55 रुपये पर बंद हुआ था। इस स्तर की तुलना में ब्रोकरेज का लक्ष्य संभावित तेजी की ओर संकेत करता है। 

हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी स्टॉक का प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों, कमोडिटी कीमतों और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन सहित कई कारकों पर निर्भर करता है।

कमाई में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद

Motilal Oswal के अनुमान के मुताबिक, Vedanta Aluminium की कमाई आने वाले वर्षों में मजबूत रह सकती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के बीच कंपनी के EBITDA में करीब 18 प्रतिशत CAGR की वृद्धि हो सकती है। इस संभावित ग्रोथ के पीछे कई प्रमुख कारण बताए गए हैं। इनमें उत्पादन और बिक्री वॉल्यूम में बढ़ोतरी, बेहतर वर्टिकल इंटीग्रेशन से लागत में कमी और वैल्यू-एडेड एल्युमीनियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ना शामिल है।

ग्लोबल एल्युमीनियम सप्लाई पर भी नजर

ब्रोकरेज के मुताबिक, आने वाले समय में वैश्विक एल्युमीनियम बाजार में सप्लाई अपेक्षाकृत कड़ी रह सकती है। चीन में उत्पादन पर संभावित प्रतिबंध, यूरोप और रूस से जुड़ी सप्लाई चुनौतियां तथा चीन के बाहर नई उत्पादन क्षमता में लंबे समय से कम निवेश जैसे कारक बाजार के संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।

यदि वैश्विक एल्युमीनियम कीमतों को सपोर्ट मिलता है और मांग मजबूत बनी रहती है, तो इससे एल्युमीनियम कारोबार करने वाली कंपनियों को फायदा मिल सकता है। Vedanta Aluminium के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक हो सकता है।

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