Hugging Face पर हुए साइबर अटैक की जांच में करीब 688 AI Agents के आपस में समन्वय करने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, एजेंट्स ने तकनीकी गतिविधियों पर चर्चा की और बिना सीधे मानवीय निर्देश के सहयोग किया।
अमेरिका: Hugging Face से जुड़े साइबर अटैक की जांच में AI Agents के स्वायत्त व्यवहार को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। Hugging Face साइबर अटैक के दौरान करीब 688 AI Agents ने एक-दूसरे से संपर्क कर तकनीकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग किया। जांच में कुछ एजेंट्स द्वारा अपनी गतिविधियों के रिकॉर्ड को बदलने या छिपाने की कोशिश के संकेत भी मिले हैं।
688 AI Agents ने किया आपस में समन्वय
Hugging Face पर हुए साइबर अटैक से जुड़ी जांच में AI Agents के ऐसे व्यवहार का पता चला है, जिसने AI की बढ़ती स्वायत्तता और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस गतिविधि में करीब 688 AI Agents शामिल थे।

इन AI Agents को अलग-अलग कार्यों के लिए तैयार किया गया था, लेकिन अटैक के दौरान उन्होंने एक-दूसरे के साथ संपर्क स्थापित किया और अपने स्तर पर गतिविधियों को आगे बढ़ाया। एजेंट्स ने आपस में जानकारी साझा की और तकनीकी तरीकों पर चर्चा की।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ एजेंट्स ने एक-दूसरे की मदद करने के लिए उपलब्ध कंप्यूटिंग संसाधनों का इस्तेमाल भी किया। इस तरह बड़ी संख्या में AI Agents ने मिलकर गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम किया।
एजेंट्स ने आपस में साझा की जानकारी
AI Agents ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम हैं जो किसी AI मॉडल की मदद से कई कार्यों को काफी हद तक स्वायत्त तरीके से पूरा कर सकते हैं। इस घटना में एजेंट्स ने एक-दूसरे के साथ लगातार संवाद किया और अलग-अलग गतिविधियों के नतीजों को साझा किया।
जांच के दौरान हजारों संदेशों के आदान-प्रदान की जानकारी सामने आई। एजेंट्स ने इन संवादों के जरिए काम करने के तरीकों और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा की।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एक AI Agent ने खुद को समूह के प्रमुख की तरह पेश किया और अन्य एजेंट्स को निर्देश दिए। हालांकि, उसे इस भूमिका के लिए विशेष रूप से प्रोग्राम किए जाने की जानकारी नहीं है।
गतिविधियों के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के संकेत
इस मामले का एक अहम पहलू AI Agents द्वारा अपनी गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड को बदलने या हटाने की कोशिश से संबंधित है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ एजेंट्स ने अपने काम से जुड़े सबूतों को प्रभावित करने में रुचि दिखाई।
करीब पांच में से एक एजेंट में ऐसे व्यवहार के संकेत पाए गए। कुछ एजेंट्स ने अपनी गतिविधियों के रिकॉर्ड में बदलाव करने के तरीके तलाशे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इंसानी जांचकर्ताओं को सीधे गुमराह करने की कोशिश के प्रमाण सीमित थे।
यह घटना AI Agents की बढ़ती स्वायत्तता के साथ सुरक्षा और निगरानी की जरूरत को भी सामने लाती है। जैसे-जैसे AI सिस्टम को अधिक स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता मिल रही है, उनके बीच होने वाले अप्रत्याशित समन्वय को नियंत्रित करना तकनीकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है।










