VHP नेता मिलिंद परांदे का बयान: 'बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार अब वैश्विक मानवाधिकार का गंभीर मुद्दा'

VHP नेता मिलिंद परांदे का बयान: 'बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार अब वैश्विक मानवाधिकार का गंभीर मुद्दा'

उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांदे ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचार और हिंसा के मामलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

हरिद्वार: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांदे ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही कथित हिंसा और अत्याचार को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उत्तराखंड के हरिद्वार दौरे पर पहुंचे मिलिंद परांदे ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाएं अब केवल किसी एक देश की आंतरिक समस्या नहीं रहीं, बल्कि यह वैश्विक मानवाधिकारों से जुड़ा एक गंभीर सवाल बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से लगातार हमले, हिंसा और उत्पीड़न की खबरें सामने आ रही हैं, वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। परांदे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है जब इस मुद्दे पर सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस और संगठित प्रयास किए जाएं।

अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की जरूरत

मिलिंद परांदे ने कहा,

'अब समय आ गया है जब भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर का हिंदू समाज एकजुट होकर जागरूकता के साथ आगे आए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाए। जब भी मानवाधिकारों की बात होती है, तब दुर्भाग्यवश हिंदुओं के अधिकारों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।'

उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। परांदे के अनुसार, यह मुद्दा केवल धार्मिक पहचान का नहीं, बल्कि मानव गरिमा, जीवन और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चुप्पी पर सवाल

VHP नेता ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बावजूद कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन और लोकतांत्रिक देश इस विषय पर खामोश बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे इस मुद्दे पर “सबके मुंह पर ताले लग गए हों। मिलिंद परांदे ने कहा कि जिन संस्थाओं और संगठनों का काम ही मानवाधिकारों की रक्षा करना है, उन्हें बिना किसी भेदभाव के सामने आना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि मानवाधिकार सार्वभौमिक होते हैं, उन्हें किसी विशेष समुदाय या देश तक सीमित नहीं किया जा सकता।

बांग्लादेश में जारी हिंसा और कथित हमलों को लेकर भारत में कई हिंदू संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा की घटनाओं में हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया है और कई लोगों की जान भी गई है। इसको लेकर भारत में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किए हैं और भारत सरकार से कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप करने की मांग की है।

मिलिंद परांदे ने कहा कि भारत और भारत का हिंदू समाज अपनी भूमिका निभाएगा, लेकिन यह लड़ाई केवल भारत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वैश्विक हिंदू समाज को संगठित होकर आवाज उठानी होगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को मजबूती से रखा जा सके।

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