चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद उत्तर कोरिया की यात्रा पर जा रहे हैं। यह दौरा किम जोंग उन की रूस से बढ़ती नजदीकियों और परमाणु गतिविधियों के बीच क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमरवती: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम में एक बड़े पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने आंध्र यूनिवर्सिटी ग्राउंड्स से होटल नोवोटेल तक लगभग 5.5 किलोमीटर की साइकिल रैली में हिस्सा लिया और महज 21 मिनट 18 सेकंड में यह दूरी पूरी की।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में जागरूकता फैलाना था।
गर्मी के बावजूद उत्साह, जनता ने किया स्वागत
भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री नायडू ने पूरे उत्साह के साथ साइकिल चलाई। रास्ते में उन्होंने लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया, जिससे स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
यह रैली आंध्र यूनिवर्सिटी परिसर से शुरू होकर III टाउन पुलिस स्टेशन, पोलमांबा मंदिर और वाल्टेयर क्षेत्र से होते हुए होटल नोवोटेल तक पहुंची। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।
‘नेट ज़ीरो’ विज़न: आंध्र यूनिवर्सिटी को मॉडल बनाने की योजना
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आंध्र यूनिवर्सिटी में ‘नेट ज़ीरो’ (Net Zero) विज़न की भी शुरुआत की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, जिससे संस्थान पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श मॉडल बन सके।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को सस्टेनेबल प्रैक्टिस अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण तैयार करना होगा।
कचरा प्रबंधन और हरित ऊर्जा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ठोस कचरा प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, बायोगैस उपयोग, रिन्यूएबल एनर्जी और सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि संस्थानों में इलेक्ट्रिक कुकस्टोव, पाइप्ड गैस सप्लाई और आधुनिक ऊर्जा समाधान लागू किए जाएं ताकि पर्यावरणीय दबाव को कम किया जा सके।
विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का लक्ष्य
नायडू ने आंध्र यूनिवर्सिटी को देश ही नहीं बल्कि विश्व के शीर्ष तीन विश्वविद्यालयों में शामिल करने का लक्ष्य रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि संस्थान सही दिशा में काम करें तो यह संभव है।
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उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों और शिक्षकों को मिलकर एक ऐसी प्रणाली बनानी चाहिए जो नवाचार और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चले।
जलवायु परिवर्तन पर चिंता, सामूहिक प्रयास की अपील
मुख्यमंत्री ने हाल के वर्षों में बढ़ती गर्मी और जलवायु असंतुलन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसे केवल सरकार नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के सहयोग से ही रोका जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी लें और हरित पहलों में भाग लें।
‘5 करोड़ सीड बॉल्स’ अभियान का उल्लेख
नायडू ने अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण द्वारा चलाए जा रहे ‘5 करोड़ सीड बॉल्स’ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियानों से हरियाली बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर पर्यावरण मिल सकेगा।
साइकिलिंग को जीवनशैली बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कार्यालय जाने वाले लोगों से साइकिल को दैनिक परिवहन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार जल्द ही शहरों में समर्पित साइकिल लेन विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
‘फोटो ऑप’ नहीं, जीवनशैली बने पर्यावरण आंदोलन
नायडू ने जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिक कार्यक्रमों या फोटो अवसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे एक स्थायी जीवनशैली के रूप में अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति छोटे-छोटे प्रयास करे, तो बड़ा पर्यावरणीय बदलाव संभव है।












