वार्ड-88 में लोगों का आरोप द्वेष भावना से काम करा रहे पार्षद 10 महीने से 150 परिवार साफ पानी को तरसे, धर्म के आधार पर भेदभाव के आरोप

वार्ड-88 में 150 परिवार पिछले 10 महीने से साफ पानी की समस्या झेल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पार्षद पर पक्षपात और भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
वार्ड-88 में लोगों का आरोप द्वेष भावना से काम करा रहे पार्षद 10 महीने से 150 परिवार साफ पानी को तरसे, धर्म के आधार पर भेदभाव के आरोप
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शहर के वार्ड-88 में पिछले करीब 10 महीनों से पेयजल संकट गहराने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब 150 परिवारों को नियमित और साफ पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। कुछ निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि इलाके में सुविधाएं उपलब्ध कराने में पक्षपात किया जा रहा है।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि उन्हें पानी के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।

कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि वार्ड में विकास कार्य और बुनियादी सुविधाएं समान रूप से नहीं पहुंचाई जा रहीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित जनप्रतिनिधियों या अधिकारियों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

निवासियों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में स्थिति और मुश्किल हो जाती है। कई घरों में पीने योग्य पानी की कमी के कारण लोगों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जलकल विभाग से जल्द समाधान की मांग की है।

इलाके के सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और इसे किसी भी विवाद या मतभेद से अलग रखकर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासन को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए।

स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यदि पानी आपूर्ति या अन्य सुविधाओं को लेकर शिकायतें मिली हैं, तो उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के बुनियादी सुविधाएं मिलें।

फिलहाल वार्ड-88 के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा। उनका कहना है कि उन्हें राजनीति या आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि अपने घरों तक नियमित और साफ पानी की जरूरत है। अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

 

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