World Earth Day 2026: वेदांता की बड़ी पहल, 30 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कटौती

World Earth Day 2026 पर वेदांता ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 30 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कटौती की घोषणा की है। जानें इस

हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला World Earth Day दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास को लेकर जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

बिजनेस न्यूज़: आज विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day) मनाया जा रहा है, जो हर साल 22 अप्रैल को पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक स्थिरता (Global sustainability) के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिन का मकसद लोगों और संगठनों को प्रकृति की रक्षा और सतत विकास की दिशा में प्रेरित करना होता है।

इस अवसर पर Vedanta Limited (NSE: VEDL) ने भी एक अहम घोषणा की है कि उसने पिछले एक साल में अपने रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) उपयोग को 50% से अधिक बढ़ा दिया है। कंपनी का यह कदम पर्यावरणीय जिम्मेदारी और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग में 50% से अधिक की वृद्धि

वेदांता लिमिटेड ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसने अपने नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) उपयोग में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है। कंपनी के अनुसार, इस अवधि में कुल नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग बढ़कर 3.97 बिलियन यूनिट (BU) तक पहुंच गया है। यह वृद्धि कंपनी की स्वच्छ ऊर्जा नीति और हरित भविष्य की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाती है।

30 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी

कंपनी ने दावा किया है कि इस वित्तीय वर्ष में उसने लगभग 30 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन को कम करने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि वेदांता की डिकार्बोनाइजेशन रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य औद्योगिक उत्पादन को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। कंपनी का कहना है कि यह कदम वैश्विक जलवायु लक्ष्यों और नेट जीरो उत्सर्जन की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है। वेदांता ने अपनी नेट जीरो यात्रा को आगे बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। कंपनी के अनुसार:

  • मेटल्स इंटेंसिटी में 15% की कमी दर्ज की गई है
  • यह आंकड़ा FY 2020-21 के 6.45 tCO₂e/tm से घटकर FY 2025-26 में 5.44 tCO₂e/tm हो गया है

यह सुधार कंपनी की परिचालन दक्षता और कम कार्बन उत्सर्जन वाली उत्पादन प्रणाली को दर्शाता है।

बायोमास और वैकल्पिक ईंधन का उपयोग

हरित ऊर्जा रणनीति के तहत वेदांता ने 365 किलो टन बायोमास का उपयोग वैकल्पिक ईंधन के रूप में किया है। इससे अनुमानित 5 से 6 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में अतिरिक्त कमी आई है। यह कदम पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कंपनी ने केवल ऊर्जा ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वेदांता की विभिन्न इकाइयां—

  • Hindustan Zinc Limited
  • Cairn Oil & Gas
  • और आयरन ओर बिजनेस

ने मिलकर “नेट वॉटर पॉजिटिव” स्थिति हासिल की है। इसका अर्थ है कि कंपनी जितना पानी उपयोग करती है, उससे अधिक पानी वापस पर्यावरण में पुनः उपलब्ध कराती है।

वेदांता का सस्टेनेबिलिटी विजन

वेदांता का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ संतुलन बनाना भी है। कंपनी के अनुसार, उसके स्ट्रेटेजिक मेटल्स और क्रिटिकल मिनरल्स का पोर्टफोलियो वैश्विक ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और क्लीन टेक्नोलॉजी को समर्थन दे रहा है। कंपनी भविष्य में भी कार्बन उत्सर्जन को और कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

22 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 500 अंक नीचे रहा। इसके बावजूद वेदांता लिमिटेड के शेयर में मजबूती दर्ज की गई। कंपनी का शेयर लगभग 0.53% बढ़कर ₹771.15 पर ट्रेड करता दिखाई दिया।

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