शी जिनपिंग ने तियानमेन कार्रवाई के फैसले का किया बचाव, जियांग जेमिन की भूमिका को सराहा

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जियांग जेमिन की 100वीं जयंती पर 1989 तियानमेन कार्रवाई के दौरान पार्टी के फैसले और जियांग की भूमिका की सराहना की।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन की 100वीं जयंती पर 1989 के तियानमेन संकट के दौरान पार्टी के फैसले और जियांग की भूमिका की प्रशंसा की। बयान से चीन के आधिकारिक रुख की निरंतरता स्पष्ट हुई।

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी जिनपिंग ने 1989 के तियानमेन स्क्वायर आंदोलन के दौरान पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसले और तत्कालीन परिस्थितियों में जियांग जेमिन की भूमिका की सराहना की है। यह टिप्पणी पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक बड़े आधिकारिक समारोह में सामने आई।

तियानमेन को लेकर शी का बयान क्यों महत्वपूर्ण है

शी जिनपिंग का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अपने पूर्व नेता जियांग जेमिन की राजनीतिक विरासत को याद कर रही है। जियांग का जन्म 17 अगस्त 1926 को हुआ था और 2022 में 96 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ था। उनके नेतृत्व में चीन ने 1990 के दशक में आर्थिक सुधारों, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे।

समारोह में शी ने जियांग के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए 1989 के राजनीतिक संकट के दौरान उनके रुख का विशेष उल्लेख किया। चीन के आधिकारिक राजनीतिक विमर्श में तियानमेन की कार्रवाई को लंबे समय से देश की राजनीतिक स्थिरता और कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की रक्षा से जोड़कर प्रस्तुत किया जाता रहा है। 2022 में जियांग की स्मृति सभा में भी शी ने कहा था कि जियांग ने उस समय पार्टी केंद्रीय समिति के फैसले को लागू किया और शंघाई में स्थिरता बनाए रखने में भूमिका निभाई थी।

1989 में तियानमेन स्क्वायर पर क्या हुआ था

1989 में बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर और उसके आसपास लोकतांत्रिक सुधार, राजनीतिक बदलाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। आंदोलन में मुख्य रूप से छात्र शामिल थे, लेकिन बाद में इसमें समाज के अन्य वर्गों के लोग भी जुड़ गए।

कई सप्ताह तक चले आंदोलन के बाद 3 और 4 जून 1989 की रात चीनी सेना ने बीजिंग में कार्रवाई की। सेना ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हथियारबंद सैनिकों और बख्तरबंद वाहनों का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और घायल हुए।

मृतकों की वास्तविक संख्या आज भी विवाद का विषय है। चीनी सरकार ने उस समय 200 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी दी थी, जबकि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, शोधकर्ताओं और अन्य अनुमानों में मृतकों की संख्या इससे काफी अधिक बताई गई है। तियानमेन की घटना चीन में आज भी अत्यंत संवेदनशील राजनीतिक विषय है और सार्वजनिक स्तर पर इसकी चर्चा तथा स्मरण पर कड़े प्रतिबंध हैं।

जियांग जेमिन ने कैसे संभाली चीन की कमान

तियानमेन संकट के बाद चीन के राजनीतिक नेतृत्व में बड़ा बदलाव आया। जियांग जेमिन जून 1989 में कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने। बाद में उन्होंने राष्ट्रपति और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी देश का नेतृत्व किया।

शी जिनपिंग के भाषण में जियांग को ऐसे नेता के रूप में पेश किया गया जिसने कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी के निर्णयों को लागू किया। चीन की आधिकारिक व्याख्या के मुताबिक, जियांग ने शंघाई में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

जियांग के दौर में चीन ने आर्थिक सुधार और वैश्विक एकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी और देश ने विदेशी निवेश तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को और खोला।

WTO में चीन का प्रवेश बना बड़ा पड़ाव

जियांग के नेतृत्व के दौरान चीन के वैश्विक आर्थिक एकीकरण को बड़ी गति मिली। 2001 में चीन विश्व व्यापार संगठन यानी WTO में शामिल हुआ। इस कदम ने चीन के निर्यात, विदेशी निवेश और वैश्विक व्यापार में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उस दौर में अमेरिका और चीन के संबंधों में भी आर्थिक सहयोग का विस्तार हुआ। हालांकि, आज दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और ताइवान सहित कई मुद्दों पर तनाव काफी बढ़ चुका है।

जियांग के आर्थिक दौर को चीन के इतिहास में उस चरण के रूप में देखा जाता है जब देश ने बाजार आधारित सुधारों और राज्य के नियंत्रण के बीच संतुलन बनाते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी जगह मजबूत की।

शी जिनपिंग ने चीन की मौजूदा चुनौतियों का भी किया जिक्र

जियांग की 100वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम केवल पूर्व नेता को याद करने तक सीमित नहीं रहा। शी ने चीन के सामने मौजूद मौजूदा चुनौतियों का भी उल्लेख किया और लोगों से कठिन परिस्थितियों में दृढ़ रहने की अपील की।

चीन इस समय आर्थिक विकास की धीमी गति, जनसांख्यिकीय बदलाव, संपत्ति क्षेत्र की चुनौतियों और अमेरिका के साथ व्यापारिक एवं तकनीकी तनाव जैसे मुद्दों से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में शी ने चीन के भविष्य और राष्ट्रीय पुनरुत्थान को लेकर विश्वास जताया।

उन्होंने कहा कि चीन को चुनौतियों के सामने पीछे नहीं हटना चाहिए और देश को दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। समारोह में शी ने जियांग की राजनीतिक विरासत को वर्तमान नेतृत्व के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।

कम्युनिस्ट पार्टी की एकजुटता का संदेश

जियांग जेमिन की जन्मशती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में चीन के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की मौजूदगी ने भी ध्यान आकर्षित किया। समारोह का नेतृत्व शी जिनपिंग ने किया और पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया। इसे कम्युनिस्ट पार्टी की निरंतरता और राजनीतिक एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

शी का तियानमेन से जुड़ी जियांग की भूमिका का उल्लेख करना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह चीन की वर्तमान सत्ता संरचना के उस आधिकारिक नजरिए को दोहराता है, जिसमें 1989 की कार्रवाई को पार्टी और राज्य की स्थिरता बनाए रखने के फैसले के तौर पर पेश किया जाता है।

चीन की राजनीति में जियांग की विरासत

जियांग जेमिन का राजनीतिक दौर चीन के आधुनिक इतिहास के महत्वपूर्ण चरणों में शामिल है। उनके नेतृत्व में चीन ने आर्थिक विस्तार, वैश्विक व्यापार में बढ़ती भागीदारी और WTO सदस्यता जैसे बड़े बदलाव देखे। दूसरी ओर, उनके राजनीतिक दौर की शुरुआत तियानमेन संकट के बाद हुई थी, जो चीन के आधुनिक इतिहास की सबसे विवादित घटनाओं में से एक है।

शी जिनपिंग द्वारा जियांग की 100वीं जयंती पर उनकी भूमिका को याद करना इस बात का संकेत है कि वर्तमान चीनी नेतृत्व उनके शासनकाल की कुछ प्रमुख नीतिगत उपलब्धियों और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा को अपनी राजनीतिक विरासत की निरंतरता के रूप में देखता है।

नोट: तियानमेन कार्रवाई में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग अनुमान हैं। इसलिए प्रकाशित रिपोर्ट में किसी एक संख्या को अंतिम और प्रमाणित आंकड़े के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उपलब्ध स्रोतों के बीच मतभेद का उल्लेख करना अधिक उचित है।

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